वहीं सपा को इस बार कांग्रेस का साथ मिल रहा तो रालोद ने भाजपा के साथ गठजोड़ कर लिया है। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने मंडल की सभी छह सीटों मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, संभल, बिजनौर और नगीना पर कब्जा कर लिया था। 2019 में जब सपा-बसपा के बीच गठबंधन हुआ तो इसका असर सबसे अधिक इन सीटों पर ही दिखाई दिया। सपा ने मुरादाबाद, रामपुर और संभल की सीट पर कब्जा कर लिया था, तो बसपा ने अमरोहा, बिजनौर और नगीना सीट पर जीत हासिल की।
हालांकि 2022 में विधानसभा का चुनाव जीतने के बाद आजम खां ने रामपुर संसदीय सीट से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद यहां उपचुनाव हुआ तो भाजपा ने जीत हासिल कर ली। संभल से जीत हासिल करने वाले डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क का निधन हो चुका है। ऐसे में पार्टी को वहां नया प्रत्याशी तय करना है। अमरोहा सीट से बसपा के टिकट पर जीत हासिल करने वाले दानिश अली को पार्टी ने निलंबित कर दिया है। वो कांग्रेस में अपनी संभावनाएं टटोल रहे हैं।
लोकसभा चुनाव की तैयारी में राजनीतिक दल पिछले कई महीनों से जुटे हुए हैं। भाजपा ने मंडल की छह में से चार सीटों पर अपने प्रत्याशी का एलान कर दिया। बिजनौर सीट रालोद के खाते में है। रालोद ने वहां से प्रत्याशी घोषित कर दिया है। सपा ने बिजनौर और नगीना लोकसभा सीट पर प्रत्याशियों का एलान कर दिया है। बसपा भी मुरादाबाद, अमरोहा और नगीना सीट पर अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है।
कांग्रेस के खाते में अमरोहा सीट आई है, जिस पर पार्टी ने अभी तक अपने प्रत्याशी का एलान नहीं किया है। मंडल की छह में से चार सीटों पर लोकसभा का चुनाव पहले चरण में होगा। ऐसे में प्रत्याशियों की तस्वीर जल्द साफ होने की उम्मीद है। सियासी दलों की रस्साकशी से तय है कि मुरादाबाद मंडल की सभी छह सीटों पर कड़ा सियासी मुकाबला होगा।
2019 के लोस चुनाव में मंडल की सीटों की स्थिति
मुरादाबाद डॉ. एसटी हसन (सपा)
रामपुर आजम खां (सपा)
संभल डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क (सपा)
अमरोहा दानिश अली (बसपा)
बिजनौर मलूक नागर (बसपा)
नगीना गिरीश चंद्र (बसपा)
2014 में मुरादाबाद मंडल की सीटों की स्थिति
मुरादाबाद कुंवर सर्वेश सिंह (भाजपा)
रामपुर डॉ. नैपाल सिंह (भाजपा)
अमरोहा कंवर सिंह तंवर (भाजपा)
संभल सत्यपाल सैनी (भाजपा)
बिजनौर भारतेंद्र सिंह (भाजपा)
नगीना डॉ. यशवंत सिंह (भाजपा)