पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांग जन सशक्तीकरण विभाग के प्रमुख सचिव सुभाष चंद्र शर्मा ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस साल प्रदेश स्तर पर 700 करोड़ रुपये अधिक बजट मिला है। अगले बजट सत्र में दिव्यांगजनों के लिए मुरादाबाद जिले में एक स्कूल खोलने की योजना है। सर्किट हाउस में प्रमुख सचिव ने मंडलीय अधिकारियों के साथ विभाग की योजनाओं की समीक्षा की।
जिले के अधिकारियों को दिव्यांगों के लिए रैंप बनाने के निर्देश दिए गए हैं। सेंसरयुक्त टाइल्स भी लगाई जा सकती है जो दिव्यांगजनों को चलने के लिए लिए दिशा भी दे सकती है। इसके अलावा दिव्यांगों के साथ उचित व्यवहार करने की सलाह दी गई है। 2016 में आए नए कानून के तहत दिव्यांगों के साथ दुर्व्यवहार करने पर दंड का भी प्रावधान है।
40 प्रतिशत से अधिक अपंग लोगों को दिव्यांग सर्टिफिकेट बनता है। इससे कम अपंग लोगों को लेप्रोसी का सर्टिफिकेट सीएमओ की तरफ से दिया जाता है। दिव्यांग जनों को पेंशन लेने के लिए फेमिली आईडी बनाना जरूरी है। दिव्यांग जनों को कृत्रिम उपकरण तीन दिसंबर को दिए गए हैं।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग को पिछले साल 1500 करोड़ रुपये का बजट मिला था। चालू वित्तीय वर्ष में 2100 करोड़ बजट और 330 करोड़ रुपये अनुपूरक बजट में मिला है। पिछड़ा वर्ग के लिए छात्रवृत्ति, शादी और कंप्यूटर प्रशिक्षण की योजना है। छात्रवृत्ति के लिए छात्र ऑनलाइन फार्म निश्चित तिथि तक भर सकते हैं।
ओ लेवल कंप्यूटर मुफ्त प्रशिक्षण के लिए भी योजना है। बैठक में पिछड़ा वर्ग के डिप्टी डायरेक्टर एमपी सिंह, दिव्यांग जन सशक्तीकरण की डिप्टी डायरेक्टर संगीता सिंह, मुरादाबाद जिले के अधिकारी विजय यादव, अमरोहा के आशीष सिंह, संभल से चंद्रभूषण, रामपुर जिले से जिशान और बिजनौर जिले के अजय कुमार मौजूद रहे।