रविवार को भी खंगाले गए दस्तावेज
क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन-बहनोई के खाते में मनरेगा की मजदूरी आने का मामला सामने आने बाद केंद्र और प्रदेश सरकार ने भी जिला प्रशासन से रिपोर्ट तलब कर ली है। रविवार को भी बीडीओ जोया विकास भवन में रिकॉर्ड का मिलान कर जांच के तथ्यों को मिलान करते रहे। जांच टीम पलौला गांव में पहुंचकर ग्रामीणों के बयान दर्ज कर चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में नोटिस और रिकवरी के साथ ही मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा।
2021 में बनाए गए थे मनरेगा जॉब कार्ड
अधिकारियों के मुताबिक प्रधान के परिवार के लोगों के मनरेगा जॉब कार्ड जनवरी 2021 में मनाए गए थे। जिस समय जॉब कार्ड बनाए गए तब पंचायतों में प्रशासक की तैनाती थी। इसी दौरान ही जॉब कार्ड बनाए गए और तीन सालों तक मनरेगा में मजदूरी उनके खाते में आई। 2024 में परिजनों के जॉब कार्ड निरस्त कर दिए गए। लेकिन ग्राम प्रधान गुले आयशा की बेटियों तीनों ननद के कार्ड निरस्त नहीं किए गए। मामला सुर्खियों में आने के बाद अब उनके जॉब कार्ड भी निरस्त कर दिए गए हैं।