कंट्रोल रूम में तीन टीमें काम करेंगी
पीतलनगरी डिपो कार्यशाला में बने कंट्रोल रूम से मुरादाबाद परिक्षेत्र की सभी बसों की निगरानी की जाएगी। कंट्रोल रूम में तीन टीमें काम करेंगी। कंट्रोल रूम 24 घंटे चालू रहेगा। कंट्रोल रूम में एमआईएस(मैनेजमेंट इनफॉरमेशन सिस्टम) के माध्यम से बसों की रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
प्रोजेक्ट मैनेजर चंद्रकांत वर्मा ने बताया कि कंट्रोल रूम से ऑनलाइन पता चल जाएगा कि बस कितनी किलोमीटर चली है। बसें रूट पर बने बस स्टॉप पर रुक रही हैं या नहीं। बसें कितनी स्पीड से चल रही हैं। सबकी निगरानी की जाएगी।
यूपी मार्गदर्शी एप भी दूर करेगा यात्रियों की समस्याएं
यात्रियों की मदद के लिए यूपीएसआरटीसी ने यूपी मार्गदर्शी एप तैयार किया है। यात्रियों को इसको अपने मोबाइल में प्ले स्टोर से डाउनलोड करना होगा। एप में इमरजेंसी बटन दबाते ही कंट्रोल रूम को सूचना पहुंचेगी और संबंधित यात्री के पास तुरंत कॉल आएगी। कंट्रोल रूम में बैठे कर्मचारी यात्रियों की समस्या का समाधान करेंगे।
इसके बाद यात्रियों को सेवा के संबंध में फीडबैक देना होगा ताकि विभाग को पता चल सके कि समस्या का समाधान हुआ या नहीं। प्रोजेक्ट मैनेजर चंद्रकांत वर्मा ने बताया कि जीपीएस, पैनिक बटन और व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम को चालू कर दिया गया है। मोबाइल अप्लीकेशन यूपी मार्गदर्शी एप गूगल प्ले स्टोर पर यूपीएसआरटीसी से अनुमति मिलते ही दिखने लगेगा। उन्होंने बताया कि यूपी मार्गदर्शी एप के माध्यम से यात्री बस की लोकेशन, रूट और समय की जानकारी भी कर सकेंगे।
परिक्षेत्र के सभी बस अड्डे पर लगाई गई एलईडी स्क्रीन
मुरादाबाद, पीतलनगरी, अमरोहा, बिजनौर, रामपुर, नजीमाबाद, चांदपुर बस अड्डे पर एलईडी स्क्रीन लगाई जा चुकी है। स्क्रीन कंट्रोल रूम से जुड़ा हुआ है। स्क्रीन को चालू कर दिया गया है। कंट्रोल रूम के चालू होते ही स्क्रीन पर बसों के रूट, समय, प्लेटफार्म दिखने लगेगा। जिससे यात्रियों को बस के बारे में पूछताछ को लेकर कोई परेशानी नहीं होगी।
डिपो बस संख्या
मुरादाबाद डिपो 36
पीतलनगरी डिपो 35
अमरोहा डिपो 23
बिजनौर डिपो 28
रामपुर डिपो 31
नजीमाबाद डिपो 19
चांदपुर डिपो 9
पैनिक बटन यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए बसों में लगाई गई है। सफर के दौरान यात्रियों के द्वारा पैनिक बटन को दबाते ही कंट्रोल रूम में एसएमएस जाएगा। तुरंत कंट्रोल रूम से उस बस के परिचालक के पास कॉल आएगी। यात्रियों की पूरी सहायता की जाएगी।- चंद्रकांत वर्मा, प्रोजेक्ट मैनेजर