2014 का प्रदर्शन दोहराने के लिए भाजपा के पास बीस का दम है। मुरादाबाद मंडल में भाजपा के 12 विधायक, छह एमएलसी और दो मंत्री हैं। 2014 के चुनाव में मंडल की सभी छह सीटों पर भाजपा का कब्जा था। लेकिन 2019 में सपा-बसपा गठबंधन के आगे भाजपा का खाता नहीं खुला था।
मुरादाबाद मंडल में 2014 के प्रदर्शन को दोहराने के लिए भाजपा ने चुनावी बिसात बिछा दी है। जीत के लिए पार्टी के बीस महारथी अपने चुनावी घोड़े दौड़ाने में लगे हैं। इन बीस महारथियों के दम पर भाजपा मंडल में 2024 के चुनाव में 2019 से 20 होने की लड़ाई लड़ेगी। इसमें पार्टी के 12 विधायक, छह एमएलसी और दो मंत्री शामिल हैं। फिलहाल मंडल की छह लोकसभा सीटों पर तीन चरणों में चुनाव होना है।
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मुरादाबाद मंडल पांच जिलों (मुरादाबाद, रामपुर, संभल, अमरोहा और बिजनौर) में विधानसभा की कुल 27 सीटें हैं। जबकि छह लोकसभा सीटें आती हैं। वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया था। मोदी की आंधी में पार्टी मंडल की सभी छह सीटों पर कमल खिलाने में सफल हुई थी। लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में तस्वीर बदल गई।
इस चुनाव में भाजपा का मंडल में खाता तक नहीं खुला। सपा-बसपा गठबंधन ने मंडल की सभी छह सीटों पर जीत दर्ज की थी। दस साल बाद 2024 के चुनाव में भाजपा के सामने 2014 के प्रदर्शन दोहराने की चुनौती है। इस चुनौती से निपटने के लिए भाजपा के पास बीस का दम है। मौजूदा समय में मंडल में भाजपा के पास 12 विधायक हैं। इसमें से दो प्रदेश सरकार में मंत्री हैं।
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इसके अलावा छह विधायक शामिल हैं, जो विधान परिषद का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसमें सबसे बड़ा नाम भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह का है। जिनके कंधों पर प्रदेश के साथ-साथ मंडल की भी सीटें जीताने की जिम्मेदारी है। फिलहाल भाजपा ने मंडल में मतदाताओं को साधने के लिए जातिगत समीकरण को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों को उतरा है। इसमें ठाकुर, लोधी, सैनी, गुर्जर और अनुसूचित जाति शामिल है।
मंडल की बिजनौर सीट गठबंधन के साथी रालोद के खाते में गई है। मुरादाबाद से भाजपा ने सर्वेश सिंह पर लगातार चौथी बार दांव लगाया है। उपचुनाव जीतने वाले घनश्याम लोधी को पार्टी ने रामपुर से उम्मीदवार बनाया है। संभल से परमेश्वर लाल सैनी, अमरोहा से कंवर सिंह तंवर, नगीना से ओमकुमार को चुनाव मैदान में उतारा है। बिजनौर सीट से रालोद ने चंदन चौहान पर भरोसा जताया है।
मुरादाबाद
मुरादाबाद के रहने वाले जाट विरादरी से ताल्लुक रखने वाले चौधरी भूपेंद्र सिंह के हाथोंं में प्रदेश भाजपा की कमान है। साथ ही वह विधान परिषद के सदस्य भी हैं। मुरादाबाद नगर सीट से रितेश गुप्ता लगातार दूसरी बार विधायक बने हैं। इसके अलावा डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त, गोपाल अंजान और सत्यपाल सैनी एमएलसी हैं। सत्यपाल सैनी प्रदेश कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष भी हैं।
रामपुर
उपचुनाव जीतने के बाद मौजूदा समय में रामपुर जिले में भाजपा गठबंधन के चार विधायक हैं। बिलासपुर से दूसरी बार विधायक बने बलदेव सिंह औलख प्रदेश सरकार में मंत्री हैं। वह दूसरी बार मंत्री बने हैं। वहीं आजम खां की परंपरागत सीट रामपुर पर हुए उपचुनाव में जीत दर्ज आकाश सक्सेना पहली बार विधायक बने हैं। जबकि मिलक सुरक्षित सीट से राजबाला दूसरी बार विधयक हैं। स्वार विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में अपना दल एस के उम्मीदवार रफीक अंसारी विजयी हुए।
अमरोहा
जिले में भाजपा के दो विधायक हैं। राजीव तरारा मंडी धनौरा तो महेंद्र ङ्क्षसह खड़गवंशी हसनपुर से विधायक हैं। दोनों ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। हालांकि जिले के खाते मेें कोई मंत्री नहीं है। इसके अलावा हरिसिंह ढिल्लो मुरादाबाद-बिजनौर क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य हैं।
संभल
जिले में विधायकों के हिसाब से भाजपा की भागीदारी भले ही कम हो, लेकिन जिले के दूसरी बार मंत्री पद से नवाजा गया है। जिले की चंदौसी विधानसभा सीट से गुलाब देवी दूसरी बार विधायक चुनीं गई हैं। वह प्रदेश सरकार में मंत्री हैं। इससे पहले 2017 में भी भाजपा सरकार में मंत्री पद रहीं।
बिजनौर
दो लोकसभा क्षेत्र वाले (बिजनौर और नगीना) बिजनौर जिले में भाजपा के चार विधायक हैं। जिले की बिजनौर सीट से सूची मौसम चौधरी, बढ़ापुर से सुशांत सिंह, नहटोर से ओमकुमार और धामपुर से आशोक राणा भाजपा से विधायक हैं। सुशांत सिंह दूसरी बार विधायक बने हैं। नहटोर विधायक ओमकुमार को पार्टी ने बिजनौर से लोकसभा प्रत्याशी भी बनाया है। वहीं अशोक कटारिया को दोबारा एमएलसी बनाया गया है। वह पिछली सरकार में मंत्री भी थे।