प्रदेश का चर्चित लोकसभा क्षेत्र रामपुर समेत अमरोहा, संभल अल्पसंख्यक बहुल होने के साथ ही सपा का गढ़ माने जाते हैं। सपा के गढ़ में इस बार प्रत्याशियों को अपनों के ही विरोध का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में प्रत्याशियों को अपने ही दम पर चुनावी मैदान से अपनी नैय्या पार लगाना है।
2019 में हुए लोकसभा चुनाव में रामपुर से आजम खां, मुरादाबाद से डॉ. एसटी हसन और संभल से डॉ. एसटी हसन ने सपा प्रत्याशी के तौर पर जीत हासिल की थी। अमरोहा से बसपा के दानिश अली ने चुनाव जीता था। इस बार इन चारों लोकसभा सीट पर समीकरण बदले नजर आ रहे हैं।
कोर्ट से सजा होने के बाद आजम खां सीतापुर की जेल में बंद हैं। डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क का निधन हो गया है और डॉ.एसटी हसन का पार्टी ने टिकट काट दिया है। दानिश अली कांग्रेस की टिकट पर चुनावी मैदान में हैं। सपा ने रामपुर से मौलाना मोहिब्बुल्लाह को प्रत्याशी बनाया है। उनको आजम समर्थकों का सहयोग नहीं मिल पा रहा है।
मुरादाबाद से सपा की प्रत्याशी रुचि वीरा को विरोध का सामना करना पड़ रहा है। संभल से पार्टी ने डॉ. बर्क के पोते जियाउर्रहमान बर्क को प्रत्याशी बनाया है। इस सीट से सपा के टिकट के अन्य कई दावेदार थे।