कुदरकी इलाके में रहने वाले हकीम के परिवार में चार सदस्य है। बीती रात वह ठंड के चलते अंगीठी कमरे के अंदर जलाकर सो गए। गैस बनने के कारण पत्नी और दो बच्चे बेसुध हो गए। हकीम को भी परेशानी होने लगी। इस बीच मोबाइल में कॉल आने के बाद हकीम उठ गए। इसके बाद खिड़की दरवाजे खोल स्थिति सामान्य हुई।
ठंड से राहत पाने के लिए कमरे में अंगीठी जलाना एक परिवार के लिए जानलेवा साबित हो गया। गनीमत रही कि घर के मालिक के फोन पर एक कॉल आ गई। जिससे दंपती और उसके दो बच्चों की जान बच गई। कुंदरकी नगर में ही एक हकीम का परिवार रहता है। जिससे दो बच्चे हैं। हकीम ने ठंड से राहत पाने के लिए कमरे में अंगीठी जला रखी थी।
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जिससे परिवार को ठंड से तो राहत मिल गई। वहीं सोने से पहले परिवार अंगीठी को बंद करना भूल गया और सभी सो गए। अंगीठी जलने की वजह से कुछ ही देर में कमरे में कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनना शुरू हो गई। रात में हकीम के मोबाइल पर किसी परिचित की कॉल आई, तो हकीम की आंख खुली।
इस बीच उसके सिर में दर्द और उसे बैचेनी महसूस हो रही थी। वहीं उसने देखा कि उसकी पत्नी और दोनों बच्चे बेसुध पड़े थे। इस पर उसका ध्यान कमरे में जल रही अंगीठी पर गया और कमरे में धुआं भरा था जिससे उसे भी सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। आनन-फानन में उसने कमरे का दरवाजा और खिड़की खोली। इससे करीब एक घंटे के बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
अंगीठी या अलाव जलाने से पहले रहें अलर्ट
घर में वेंटिलेशन हो तभी अलाव, हीटर या ब्लोअर चलाएं
अलाव जलाकर उसके पास न सोएं
साथ में पानी से भरी बाल्टी जरूर रखें
आग जलाएं तो जमीन पर सोने से बचें
घर में अगर कोई बच्चा हो, तो आग न जलाएं
यदि रात में हीटर, ब्लोअर या अंगीठी का इस्तेमाल करते हैं, तो इनके करीब प्लास्टिक, कपड़े, केमिकल्स न हो