पहले दोस्त की कार से प्रेमिका से मिलने गया था अभय विश्नोई
एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया ने बताया कि मुख्य अभय दिल्ली में कॉल सेंटर में नौकरी कर रहा था। इसी दौरान दिल्ली में उसकी मुलाकात एक युवती से हो गई थी। इसके बाद युवती उससे अलग हो गई और बागपत में अपने एक रिश्तेदार के घर चली गई थी।
प्रेमिका से मिलने के लिए उसने अपनी कार 25 हजार में बेच दी थी। 24 फरवरी को वह अपने एक दोस्त स्योहारा के ढींगरपुर निवासी मोहित सिंह की टीयूवी 300 कार मांगी और अपने दूसरे दोस्त दीपू और मधुर को साथ लेकर अपनी प्रेमिका से मिलने बागपत चला गया था। वहां युवती के रिश्तेदारों ने उसे घेर लिया था। तब आरोपी वहां से भाग आए थे।
बिजनौर पुलिस ने अभय के पिता और भाई को उठाया
अभय अपने दोस्त मोहित की कार लौटाने से पहले किसी अन्य कार की व्यवस्था करने में लगा था। कई दिन बाद भी अभय ने मोहित की कार नहीं लौटाई तो उसने पुलिस को सूचना दे दी थी। बिजनौर जनपद के स्योहारा थाने की पुलिस ने अभय के पिता और भाई को उठाकर कार वापस करने के लिए दबाव बनाया था।
दो मार्च को रामरतन की कार लूटने के बाद अभय ने मोहित की कार दीपू विश्नोई और मधुर को दे दी थी। ये दोनों स्योहारा में मोहित को कार पहुंचाने जा रहे थे। तब पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया था। इस की सूचना मिलने पर अभय रामरतन की कार अमरोहा के कैलसा में छोड़कर भाग गया था।
बागपत जाने से इनकार, तालाब में डुबो कर मारा
तीनों ने दो मार्च की सुबह करीब साढ़े पांच बजे रामरतन की कार ठाकुरद्वारा तक जाने की बात कहकर 1400 रुपये में बुक कर ली थी। तीनों कार में बैठकर रामरतन को लेकर ठाकुरद्वारा रोड पर गए और ठाकुरद्वारा से बागपत जाने के लिए दबाव बनाने लगे।
चालक ने जाने से इन्कार कर दिया था। तब चालक रामरतन को पकड़ कर उसकी जैकेट से हाथ पैर बांध कर कार की पीछे वाली सीट के सामने पायदान पर डाल दिया। इसके बाद आरोपी मधुर चौधरी के बताए अनुसार बिलारी के गांव तिसावा में तालाब पर पहुंच गए थे।
वहां रामरतन को कार से उतार कर तीनों ने उसे पानी में डूबा कर मार दिया था। उसके पास से मिले पहचान पत्र और गाड़ी के कागजात भी आरोपियों ने वहीं जला दिए थे और कार लेकर भाग निकले थे।