इसी जातिगत समीकरण के सहारे में बसपा ने 2007 और 1996 में सपा के वर्चस्व को तोड़ा था। यही नहीं 2009 के लोकसभा चुनाव में संभल से डाॅ. शफीकुर्रहमान बर्क को उतारकर बसपा ने जीत दर्ज की थी।
इस साल हुए लोकसभा चुनाव में कुंदरकी सीट पर बसपा प्रत्याशी सौलत अली को 31400 वोट मिले थे। जबकि 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा उम्मीदवार रहे हाजी रिजवान को 42 हजार से अधिक मत मिले थे।
दूसरी ओर छिद्दा के सहारे बसपा सपा के परंपरागत वोट बैंक में भी सेंध लगा सकती है। फिलहाल अब सबकी नजरें सपा और भाजपा उम्मीदवारों की घोषणा पर टिकी है।
पांच चुनावों में कुंदरकी विधानसभा सीट पर बसपा की स्थिति
| वर्ष |
चुनाव |
बसपा प्रत्याशी |
मिले वोट |
| 2024 |
लोकसभा |
सौलत अली |
31400 |
| 2022 |
विधानसभा |
हाजी रिजवान |
42742 |
| 2019 |
लोकसभा |
---- |
---- |
| 2017 |
विधानसभा |
अकबर हुसैन |
36071 |
| 2012 |
विधानसभा |
मोहम्मद जुबैर |
31242 |
नोट : 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा में गठबंधन था। संभल लोकसभा सीट सपा के खाते में थी।