नगर निगम ठंड में रैन बसेरा और अलाव की तैयारियों को लेकर बड़े-बडे़ दावे करता रहा है। लेकिन जरूरतमंद लोग इस ठंड में भी खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर हैं। रविवार को पुलिस ने एक अज्ञात व्यक्ति को जो खुले आसमान के नीचे सो रहा था और तेज बुखार से पीड़ित था को जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
सिविल लाइंस स्थिति पुलिस चौकी रेल के कांस्टेबल संजय सिंह एक अज्ञात व्यक्ति लगभग 50 वर्षीय को तेज बुखार होने पर जिला अस्पताल लेकर आए। मरीज बोलने की स्थिति में नहीं था। कांस्टेबल ने बताया कि रविवार दोपहर को रेलवे स्टेडियम के पास एक व्यक्ति लेटा हुआ था और ठंड से कांप रहा था।
उन्होंने आसपास के लोगों से पूछा तो लोगों ने बताया कि वह दो-तीन दिनों से ठंड में बाहर ही सो रहा है। कांस्टेबल ने देखा की व्यक्ति की हालत गंभीर है तो उन्होंने एंबुलेंस बुलाया और उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। व्यक्ति कुछ बोलने की स्थिति में नहीं है। उसे ठंड के कारण तेज बुखार है। डाक्टरों ने उसे यहां के रैन बसेरा में भर्ती किया है।
वहीं शहर में नगर निगम के 7 स्थाई रैन बसेरा हैं और नगर निगम प्रत्येक साल सार्वजनिक स्थानों पर अस्थाई रैन बसेरा बनाता है लेकिन इस साल अभी तक अस्थाई रैन बसेरा नहीं बनाया है। वहीं रेलवे कालोनी स्थित मनोकामना मंदिर के पास ठंड में बैठे लोगों ने बताया कि उन्हें रैन बसेरा की जरूरत है। रेलवे स्टेशन जाते हैं तो वहां से भगा दिया जाता है।
इस कड़ाके की ठंड में भी वह खुले आसमान के नीचे दिन रात रहने को मजबूर हैं। जबकि निगम रेलवे स्टेशन पर अस्थाई रैन बसेरा बताना रहा है जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलती है। इस बार निगम ने ऐसा नहीं किया है।