लेकिन बुधवार को ये दोनों असल किन्नरों के हाथ चढ़ गए और इनका भेद खुल गया।
बेरोजगारी में रोजी रोटी कमाने के लिए दो युवकों ने किन्नरों का वेश बनाया और घर - घर बधाइयां देकर जिंदगी की गुजर बसर करने लगे। लेकिन बुधवार को ये दोनों असल किन्नरों के हाथ चढ़ गए और इनका भेद खुल गया। किन्नरों ने भरी पंचायत में दोनों युवकों से माफी मंगवाई और फिर इस शर्त के साथ छोड़ा कि आगे से कभी किन्नर बनकर उगाही नहीं करेंगे।
असमोली थाना क्षेत्र के ओबरी गांव निवासी साहिब उर्फ रेश्मा और मेरठ के नलकूप कालोनी निवासी फरमान बुधवार को किन्नर का वेश धारण करके मुबारकपुर बंद, शाहबाजपुर कलां मढ़न आदि गांवों में जिन परिवारों के घरों पर नवजात बच्चे हुये है वहां पर धन की उगाही कर रहे थे। दोनों युवक घर में घुसकर महिलाओं के बीच में नाच गा रहे थे।
ग्रामीणों को दोनों युवकों पर शक हो गया और ग्रामीणों ने पाकबड़ा स्थित किन्नरों के डेरों पर सूचना देकर किन्नरों को बुला लिया। दोनों युवकों को ग्रामीणों ने पकड़ लिया और किन्नरों को सौंप दिया। किन्नर दोनों युवकों को लेकर अपने डेरे पर आ गये।
यहां पर किन्नर समाज भी भारी संख्या में इक्कठा हो गया और मामले को लेकर पंचायत शुरू हो गई। पुलिस भी पंचायत में आ गई। किन्नरों बने दोनों युवकों ने भरी पंचायत में सभी किन्नरों से माफी मांगी और दोबारा से किन्नर नही बनने का आश्वासन दिया।