बेरोजगारी भत्ता दिए जाने की घोषणा होते ही दो माह में 11000 पंजीकरण कराने के बाद बेरोजगार ऐसे गायब हुए कि संख्या पूरे साल में आधी भी नहीं पहुंच पा रही है। जबकि सेवायोजन कार्यालय ने आनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू कर दी है। जागरूकता लाने के लिए रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है। निजी कंपनियों में प्लेसमेंट की सुविधा से बेरोजगारों के रजिस्ट्रेशन बढ़ने की उम्मीद हैै।
क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में कभी पंजीकरण कराने के लिए भीड़ लगती थी।
लेकिन अब आनलाइन पंजीकरण शुरू होने के बाद भी बेरोजगार में पंजीकरण कराने की जागरूकता नहीं आ रही है। पिछले वर्ष 2015 में 3147 बेरोजगारों ने पंजीकरण कराए थे। जबकि इस वर्ष 1 जनवरी से 28 मई 2016 तक 3126 बेरोजगारों के पंजीकरण हुए हैं। इस तरह आनलाइन पंजीकरण होने की सुविधा के बाद भी जागरूकता नहीं होने पर प्रोत्साहन के लिए रोजगार मेले लगाए जा रहे हैं। इन रोजगार मेलों में 1512 लोगों को निजी कंपनियों में नौकरी दिलाई जा चुकी है। एक तरफ वर्ष 2014 में बेरोजगारी भत्ता दिए जाने की घोषणा के बाद दो माह के भीतर 11000 हजार बेरोजगारों ने पंजीकरण कराए थे। इन्हें प्रतिमाह 1000 रुपये 22 माह तक दिए गए। इसके बाद बेरोजगारी भत्ता बंद हो गया। इसके बाद बेरोजगार की दिलचस्पी एकदम घट गई और अब पंजीकरण कराने वाले बेरोजगार गायब होते चले जा रहे हैं।
रोजगार मेले लगाए जाएंगे
जिला सेवायोजन अधिकारी का कहना है कि बेरोजगारों के लिए आनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा प्रदान कर दी गई है। कोई भी बेरोजगार घर बैठे आनलाइन पंजीकरण कर सकता है। इसके बाद निजी संस्थानों में रोजगार मेले भी लगाए जा रहे हैं। इनमें पंजीकरण कराने वाले बेरोजगारों को योग्यता के अनुसार प्लेसमेंट दिलाया जा रहा है। रोजगार मेले लगाए जाने का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है।