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यूक्रेन में फंसे कुंदरकी के दो छात्र

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रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के चलते कुंदरकी क्षेत्र के दो छात्र यूक्रेन में फंसने से परिजनों की चिंता बढ़ी हुई है। हालांकि दोनों छात्र अभी सुरक्षित हैं और रूस की कार्रवाई से प्रभावित यूक्रेन में इलाके से काफी दूर बताए गए हैं। शुक्रवार को परिजनों से बातचीत कर उन्होंने यूक्रेन के हालात के बारे में जानकारी दी है।
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कुंदरकी ब्लाक क्षेत्र के ग्राम अल्लापुर भीकन के पूर्व प्रधान शाहिद हुसैन का बेटा मोहम्मद अनस चार साल पहले यूक्रेन देश में एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए गया था। इस समय वह यूक्रेन की राजधानी कीव से साढ़े तीन सौ किलोमीटर दूर स्थित टरनोपिल नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहा है, जबकि इस गांव का रहने वाले छात्र सरफराज पुत्र मोहम्मद यूनुस भी यूक्रेन की राजधानी कीव से डेढ़ सौ किलोमीटर दूर स्थित विन्सेशिया मेडिकल यूनीवर्सिटी से एमबीबीएस कर रहा है।
यूक्रेन में फंसे दोनों छात्रों के परिजन परेशान हैं और अपने बेटों की सही सलामती की खबर ले रहे हैं। पूर्व प्रधान शाहिद हुसैन ने बताया कि मोबाइल पर बातचीत कर बेटे अनस ने यूक्रेन के मौजूदा हालात के बारे में जानकारी दी है। उसने बताया कि रूस की सेना द्वारा हमले से राजधानी कीव के आसपास का इलाका अधिक प्रभावित हुआ है। यहां से अनस काफी दूर है।
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असदपुर का आजम स्वदेश लौटा, यूक्रेन के हालात पर बताए
ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम असदपुर निवासी रियाज अहमद का बेटा मोहम्मद आजम भी पांच वर्षों से यूक्रेन की राजधानी कीव स्थित वीमो मोवेट नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस कर रहा है। 22 फरवरी को वह भारत लौट आया है। फिलहाल वह अभी दिल्ली में है।
दूरभाष पर आजम ने बताया कि 22 फरवरी को जब छात्रों को लेकर भारतीय विमान ने कीव से उड़ाने भरी तो उसके महज 24 घंटे के बाद रूस की सेना ने यूक्रेन के शहर कीव पर हमला कर दिया था। गनीमत रही कि वह सुरक्षित निकलने में सफल रहे। आजम ने बताया कि वह इस समय दिल्ली में अपने भाई के कमरे में ठहरा हुआ। आजम ने बताया कि इस समय जो छात्र कीव में फंसे हैं उनको यूक्रेन के सैनिक सुरक्षित निकाल कर दूसरे स्थानों पर ले जा रहे हैं। कीव में हर तरफ खौफ है। उधर आजम के सकुशल स्वदेश वापसी पर उनके पिता रियाज अहमद, मां खदीजा बेगम, भाई सुलेमान समेत सभी परिजन खुशी हैं। साथ ही भारत सरकार का शुक्रिया अदा कर रहे हैं। खदीजा बेगम का कहना है कि वह यूक्रेन संकट में फंसे सभी छात्रों की सलामती और सुरक्षित घर वापसी के लिए नमाज अदा कर दुआ कर रहीं हूं, जैसे ही उसका बेटा आजम यूक्रेन से अपने स्वदेश को लौट आया है ऐसे ही सभी फंसे हुए छात्र अपने घरों को लौट आए।
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