कांठ नगर होकर शुक्रवार को अपनी मंजिल की ओर जाते कांवड़िऐ। संवाद
- फोटो : KANTH
एक मार्च को महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया जाएगा। इससे पहले बम भोले के जयकारों के साथ कांठ नगर व देहात क्षेत्र के कांवड़िये जल भरने के लिए अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में कांवड़िये जाते नजर आए। इस दौरान कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए पुलिस मुस्तैद रही। पुलिस की कांवड़ यात्रा को देखते हुए पेट्रोलिंग जारी है।
महाशिवरात्रि के त्योहार पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए शिवभक्त उत्तराखंड की देवनगरी हरिद्वार से कांवड़ में पवित्र गंगाजल भरकर लाते हैं। इस बार 21 फरवरी से यह कांवड़ यात्रा प्रारंभ हुई। जिसके मद्देनजर कांवड़िये नाचते गाते अपनी मंजिल की ओर पैदल यात्रा कर रहे हैं। शुक्रवार को बढ़ी कांवड़ियों की संख्या से हाईवे पूरी तरह शिवभक्ति में रंग गया। हर ओर जयकारा वीर बजरंगे और हरहर महादेव के जयघोष गूंजते रहे। तेज धूप होने के कारण भी कांवड़ियों के जत्थे कांठ नगर से होकर अपने गंतव्य को ओर बढ़ते रहे।
शुक्रवार को रामपुर, मिलक, टांडा, बिलारी, संभल, चंदौसी, असमौली, बरेली, शाहबाद आदि तमाम स्थानों के कांवड़ बेड़े कांठ से होकर गुजरे। जिनमें शामिल कांवड़िये डीजे व अन्य धार्मिक भजनों की धुनों पर नाचते गाते अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे। शाम तक कांवडियों के हरिद्वार से लौटने का सिलसिला जारी था।