पाकबड़ा। शनिवार की रात ध्वज लगाने को लेकर समाथल गांव दो पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत करके दोनों पक्षों को अपने-अपने घरों को भेजा। साथ ही खंभा सरकारी बताते हुए हिदायत दी कि कोई पक्ष अपना झंडा खंभे पर नहीं लगाएगा।
पुलिस के मुताबिक समाथल गांव में तालाब के पास शनिवार रात मातारानी के जागरण का कार्यक्रम आयोजित होना था। उसी को लेकर तैयारी चल रही थी। रात को एक वर्ग के युवक बिजली के खंभे पर ध्वज लगाने पहुंचे थे। उस खंभे पर पहले से दूसरे वर्ग का झंडा लगा था। झंडा लगाने को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। दोनों के बीच तीखी नोकझोंक होने लगी। मामला बढ़ता देख लोगों ने पुलिस को फोन कर दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों ओर के लोगों को समझा कर शांत करा दिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनी और खंभे पर पहले से लग रहे झंडे को भी उतरवा दिया। पुलिस ने कहा कि किसी का झंडा नहीं लगेगा। पुलिस ने चेतावनी दी कि सरकारी खंभे पर अगर किसी ने भी कानून को अपने हाथ में लेकर नई परंपरा डालने या फिर शांति भंग करने की कोशिश की तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
थाना प्रभारी रंजन शर्मा ने बताया कि शांतिभंग करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। दोनों पक्षों से सरकारी संपत्ति पर किसी तरह का कोई झंडा न लगाने के लिए कहा गया है।