इसी तरह रोजा से लखनऊ के बीच 157 किमी की दूरी में भी ट्रेनें रविवार से 110 किमी प्रति घंटा की गति से दौड़ेंगी। यहां भी गति बढ़ाने के लिए मुरादाबाद मंडल ने ट्रायल किया था, जोकि सफल रहा। ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए रेलवे ने करोड़ों रुपये खर्च किए हैं। रेलवे ट्रैक को बदला गया है। पहले पटरियों का वजन 52 किलोग्राम प्रति घन मीटर था। नई पटरियां 60 किलोग्राम प्रति घन मीटर की हैं।
इसी तरह स्लीपर भी बदले गए हैं। पुराने स्लीपर का वजन 60 किलो था, अब नया स्लीपर 80 किलो का है। इसके अलावा सिगनल व्यवस्था को भी आधुनिक बनाया गया है। ज्ञात हो कि अब तक मुरादाबाद से लखनऊ, मुरादाबाद से सहारनपुर, मुरादाबाद से चंदौसी व मुरादाबाद से दिल्ली रेलखंड पर ट्रेनों की अधिकतम गति 100 किलोमीटर प्रतिघंटा है। रेल मंडल में मुरादाबाद-सहारनपुर ऐसा पहला रेलखंड होगा जहां ट्रेनें 110 किमी प्रतिघंटा से दौड़ेंगी।
मुरादाबाद से सहारनपुर के बीच चलती हैं 40 ट्रेनें
मुरादाबाद रेलवे स्टेशन से सहारनपुर रेलवे स्टेशन के बीच 40 ट्रेनें चलती हैं। मुरादाबाद से पंजाब व जम्मू जाने के लिए यही प्रमुख रूट है। 40 में से 10 ट्रेनें रोजाना चलती हैं, जबकि अन्य सप्ताह में एक, दो या तीन दिन चलती हैं। रेलवे के अनुमानित आंकड़े के मुताबिक इस रूट पर हर दिन 20 हजार से ज्यादा यात्री सफर करते हैं। ऐसे में लक्सर, रुड़की, सहारनपुर, पंजाब व जम्मू जाने वाले यात्रियों का सफर अब कम समय में पूरा हो जाएगा।
गाजियाबाद से सीतापुर के बीच 120 होगी गति
अगले साल तक रेलवे गाजियाबाद से सीतापुर के बीच ट्रेनों की गति बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। यह हिस्सा भी मुरादाबाद रेल मंडल का है। इसमें मुरादाबाद, बरेली, अमरोहा, शाहजहांपुर, सीतापुर समेत सभी महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल होंगे। इसके लिए रेलवे ट्रक व सिगनल पर काम किया जाएगा। पिछले माह रेलवे ने मुरादाबाद से लखनऊ के बीच 125 किमी प्रति घंटा की गति से रेलवे ने ट्रेन का ट्रायल किया लेकिन यह सफल नहीं रहा।
मुरादाबाद-सहारनपुर व रोजा-लखनऊ के बीच ट्रेनों की गति बढ़ाकर 110 किमी प्रतिघंटा करने की अनुमति मिल गई है। हम एक-दो दिन में ही इन रेलखंडों में 110 की गति से संचालन शुरू कर देंगे। हमारा परिचालन विभाग इसके लिए तैयार है। - राजकुमार सिंह, डीआरएम मुरादाबाद