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Moradabad News: तीन साल बीते... जिला अस्पताल के एमआरआई भवन में नहीं लगी मशीन, मरीजों को उठानी पड़ रही परेशानी

Tue, 28 Jan 2025 03:10 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद जिला अस्पताल में तीन साल पहले एमआरआई भवन बनकर तैयार हो गया है। लेकिन मशीन और रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति अब तक नहीं हो सकी है। इससे मरीजों को महंगी जांच के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
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जिला अस्पताल मुरादाबाद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुरादाबाद जिला अस्पताल में एमआरआई के लिए भवन तो तीन साल पहले बन गया लेकिन इसमें मशीन आज तक नहीं लग पाई है। नसों की बीमारी व हड्डी से संबंधित शिकायतों वाले मरीजों को इसकी जरूरत पड़ती है। मजबूरी में लोग निजी अस्पतालों में हजारों रुपये खर्च कर जांच करा रहे हैं।

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दो साल से मशीन की खरीद प्रक्रिया ही पूरी नहीं हो पाई है। हादसों में घायल होने के बाद ज्यादातर मरीज निजी अस्पताल में जाने के बजाय जिला अस्पताल की इमरजेंसी में ही जाते हैं। न्यूरो सर्जन नहीं होने के कारण घायलों को निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। इनमें कई मरीजों को एमआरआई की जरूरत होती है।

पिछले वर्ष शासन ने जिला अस्पताल में उपलब्ध तकनीकी सुविधाओं व संसाधनों का ब्योरा मांगा था। साथ ही जिन संसाधनों की आवश्यकता है, उनके विषय में प्रस्ताव भेजने के लिए कहा गया। जिला अस्पताल प्रशासन ने सभी उपलब्ध संसाधनों के साथ जरूरत की सामग्री का ब्योरा भी भिजवाया।
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इसमें एमआरआई मशीन भी शामिल थी। इसके बावजूद अस्पताल में अब तक एमआरआई मशीन नहीं आई है। अस्पताल में एमआरआई भवन पिछले चार साल से बनकर तैयार खड़ा है। तब से अब तक मुरादाबाद के लोग एमआरआई मशीन व रेडियोलॉजिस्ट का इंतजार कर रहे हैं।

कई बार पोर्टल के जरिए रोडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति के लिए बिड डाली गईं लेकिन मुरादाबाद जनपद को कुछ हाथ नहीं लगा।

सीटी स्कैन, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड का मिल रहा लाभ

जिला अस्पताल में फिलहाल मरीजों को एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड व पैथोलॉजी लैब में विभिन्न जांचों की सुविधा मुफ्त मिल रही है। जबकि सीटी स्कैन में 500 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। बड़ी संख्या में मरीज इन सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं।

एक ही रेडियोलॉजिस्ट होने के कारण अल्ट्रासाउंड कराने के लिए 20 दिन तक लोगों को इंतजार करना पड़ता है। उम्मीद है कि रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति होने पर मरीजों को इतने दिन की वेटिंग नहीं दी जाएगी। साथ ही एमआरआई भी आसानी से हो सकेगी।

एमआरआई मशीन का मुद्दा मुख्यालय के संज्ञान में है। शासन बड़े स्तर पर मशीनों की खरीद करता है, इसलिए कई बार गुणवत्ता कारणों से समय लग जाता है। जल्द ही लोगों को यहां एमआरआई की सुविधा मिलेगी। - डॉ. राजेंद्र कुमार, चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल

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