मुरादाबाद। शहर के विकास के लिए तैयार किए गए मास्टर प्लान-2031 में भू-उपयोग के विरुद्ध अवैध निर्माण पर शिकंजा कसा गया है। मास्टर प्लान में भू-उपयोग को मानचित्र पर सुपर इम्पोज कर दिया गया है। इसके साथ ही सार्वजनिक उपयोग के लिए प्रस्तावित जमीन की सभी गाटा संख्याओं को सार्वजनिक किया गया है।
यह सूची उपनिबंधक प्रथम, द्वितीय, कांठ, बिलारी और अमरोहा को भेजी गई है। मुरादाबाद निवासी अधिवक्ता इम्तियाज हुसैन का दावा है कि उनकी जनहित याचिका पर शासन ने संज्ञान लिया है। वहीं अधिकारियों का कहना है कि अभी तक मास्टर प्लान का केवल एक रंग बिरंगा मानचित्र ही सार्वजनिक किया जाता था। जिस पर गाटा संख्या नहीं होती थी। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने मास्टर प्लान 2031 कि प्रक्रिया शुरू की तो अमर उजाला ने इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। वीसी शैलेष कुमार और मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने भी मास्टर प्लान तैयार कर रही एजेंसियों को इसके लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे। सजरा सुपर इम्पोज न होने के कारण महायोजना 2021 में भी पार्क, खुले क्षेत्र एवं क्रीड़ा स्थल के लिए सोनकपुर, भीमाठेर, रसूलपुर आदि राजस्व ग्रामों में प्रस्तावित भूमि पर अवैध प्लाॅटिंग से अतिक्रमण हो गया है। इसी को लेकर अधिवक्ता ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की थी। जिस पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा था। अब एमडीए ने महायोजना 2031 के अनुसार सार्वजनिक उपयोगिता के लिए आरक्षित सभी जमीनों के गाटा संख्या की सूची मुरादाबाद प्रथम व द्वितीय, कांठ, बिलारी और अमरोहा के रजिस्ट्रार को भेजी है। कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि जल्द ही मॉनिटरिंग के लिए भी बेहतर व्यवस्था बनाई जाएगी, जिससे अवैध निर्माण न हो सके।