ठाकुरद्वारा। औद्योगिक मजदूरों की हड़ताल के समर्थन में बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा के क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला। प्रदर्शन कर अपनी 11 सूत्री मांगों का ज्ञापन एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को भेजा गया।
कार्यकर्ता नगर पालिका कार्यालय के सामने बने यात्री प्रतीक्षालय पर एकत्र हुऐ। वहां उन्होंने सभा कर सरकार की कृषि नीति की निंदा की। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने चार श्रम कोड बनाए हैं इस स्थिति के चलते गांव से लोग रोजगार प्राप्त करने के लिए शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। वहीं सरकार की गलत कृषि नीति के कारण गांव में बेरोजगारी बढ़ रही है मजदूरों के अधिकारों को छीना जा रहा है। आरोप लगाया की खेती के आर्थिक संतुलन को बिगड़कर किसानों को कर्ज में धकेला जा रहा है। कार्यकर्ता जुलूस के रूप में एसडीएम दफ्तर पर पहुंचे वहां पर उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन।
एसडीएम प्रीति सिंह को सोपा। ज्ञापन में चार श्रम कोड वापस लेने, यूपी में दक्षिणांचल और पूर्वांचल पूर्वांचल में विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के फैसले पर रोक लगाने, 9 दिसंबर 2021 को केंद्र सरकार के संयुक्त किसान मोर्चा से किए गए वायदों पर अमल करने, उत्तर प्रदेश सरकार के निजी कंपनियों से महंगी बिजली खरीदना बंद करने, परिषदीय स्कूलों को पेयरिंग करने के फैसले को रद्द करने, सभी किसानों और मजदूरों के कर्ज माफ करने, किसानों को उनकी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार देने, वृद्ध ,विकलांगों और विधवाओं को पेंशन देने की धनराशि बढ़ाकर 10000 रुपये प्रति माह देने की मांग की गई है। प्रदर्शन में किसान मजदूर सभा के प्रदेश अध्यक्ष धर्मपाल सिंह, खेत मजदूर यूनियन के डॉ मोहम्मद सईद, जावेद हुसैन, महेंद्र सिंह, शाकिर हुसैन, हरस्वरूप सिंह, महिपाल सिंह, वीर सिंह भोपाल सिंह आदि शामिल थे।