कांठ। मुरादाबाद-हरिद्वार मार्ग के चौड़ीकरण का करीब डेढ़ साल पहले शुरू कार्य आज तक पूरा नहीं हो पाया है। कांठ और छजलैट के बीच में इस मार्ग में काफी गड्ढे होने से हर रोज हादसे भी हो रहे हैं। वहीं नगर में एक साइड के चौड़ीकरण का काम बीच अधर में लटका हुआ है।
छजलैट से लेकर कांठ होते हुए मुरादाबाद-बिजनौर जनपदों की सीमा यानि सहसपुर बॉर्डर तक मुरादाबाद-हरिद्वार मार्ग का करीब 13 किलोमीटर की दूरी तक का डेढ़ साल पहले चौड़ीकरण का कार्य शुरू हुआ था। यह मार्ग दोनों ओर डेढ़-डेढ़ मीटर चौड़ा किया जाना था। शुरूआती दौर में तो कार्यदायी संस्था द्वारा कार्य को तेजी से किया गया, लेकिन बाद में इसकी रफ्तार धीमी होती चली गई। नगर में रेलवे क्रॉसिंग 432-बी से सहसपुर बॉर्डर तक तो मार्ग को चौड़ा कर दिया गया, लेकिन रेलवे क्रॉसिंग की दूसरी ओर से छजलैट तक चौड़ीकरण का काम कई महीने से बंद है। वन विभाग ने मार्ग के दोनों ओर अपनी वन संरक्षित पटरी बताते हुए कार्य को बिना अनुमति करने की बात कही थी और इसे रुकवा दिया था। जिसके बाद तहसील प्रशासन ने इस वन संरक्षित पटरी के बदले वन विभाग को गांव हसनगढ़ी में पांच हेक्टेयर भूमि दे दी थी। जिस पर कई महीने पहले वन विभाग का कब्जा भी हो गया था। लेकिन इसके बाद भी सड़क चौड़ीकरण का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। वहीं दूसरी ओर कांठ नगर में भी कुमार पेट्रोल पंप तिराहा से लाला मस्जिद तक एक साइड के चौड़ीकरण का काम अधर में लटका हुआ है।