कांठ। पिछले 28 दिन से चल रहा विवाद डीएम के आने से एक दिन पहले ही शुक्रवार को अधिवक्ताओं और तहसीलदार के बीच में हुई वार्ता के दौरान खत्म हो गया। तहसीलदार ने बार और बैंच में सामंजस्य बनाए रखने की बात कहते हुए अधिवक्ताओं की समस्याओं का समय पर निस्तारण कराने का आश्वासन दिया।
नौ जनवरी को कांठ अधिवक्ता मोहम्मद वकील अहमद और तहसील के गैरसरकारी कर्मचारी दानिश में किसी बात को लेकर कहासुनी और नोकझोंक हो गई थी। जिस पर तहसीलदार राजकुमार सिंह से वार्ता में मामला और बढ़ गया था। अधिवक्ताओं ने तहसीलदार कोर्ट के कार्यों का अनिश्चितकालीन बहिष्कार कर दिया था और आंदोलित अधिवक्ता 28 दिनों से तहसील में जुलूस निकालकर प्रदर्शन व नारेबाजी कर रहे थे।
इस बीच शुक्रवार को 29वें दिन अचानक इस प्रकरण में दूसरा मोड़ आया और शनिवार को डीएम अनुज सिंह की मौजूदगी में होने वाले संपूर्ण समाधान दिवस से एक दिन पहले शुक्रवार को तहसील के लेखपाल कक्ष में अधिवक्ताओं व तहसीलदार के बीच विवाद को खत्म करने पर चर्चा हुई। बाद में तहसीलदार बार एसोसिएशन के सभागार में अधिवक्ताओं के बीच पहुंचे। जहां अधिवक्ताओं ने कुछ सुझाव, समस्याएं उनकी समक्ष रखीं। साथ ही दाखिल खारिज के मामलों को समय पर निस्तारित कराने और अधिवक्ताओं से सम्मानजनक व्यवहार रखने को कहा। अधिवक्ताओं ने मांग भी की कि तहसील के कार्यालयों में बैठे प्राइवेट कर्मचारियों की मनमनी पर अंकुश लगाया जाए। तहसीलदार ने भी बार और बेंच में सामंजस्य बनाए रखने की बात कही। अध्यक्षता तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद कुमार शर्मा और संचालन महासचिव दीपक विश्नोई ने किया। इस दौरान सभी अधिवक्ता बार सभागार में मौजूद रहे।