कांठ। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान कांठ विधायक/पूर्व कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर ने क्षेत्रीय मुद्दों को जोरदार ढंग से उठाया और स्वास्थ्य व बिजली के निजीकरण के मुद्दे पर सवाल किए। उन्होंने कांठ सीएचसी में एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीनों के न होने का मुद्दा भी विधानसभा में उठाया।
विधायक ने स्वास्थ्य सेवाओं कहा कि आयुष सेवाओं को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ बनाने के लिए सरकार के पास कोई ठोस कार्य योजना नहीं है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) उत्तर प्रदेश के अंतर्गत संचालित सेवाओं की गुणवत्ता को मापने और सुधारने के लिए क्या किया जा रहा है। प्रदेश में आयुष चिकित्सा की स्थिति अत्यंत दयनीय है। मुरादाबाद, अमरोहा सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लगभग 90 प्रतिशत क्षेत्रों में आज तक आयुष की अपनी इमारतें तक नहीं बनी हैं और अन्य विभागों के कार्यालयों में ही सेवाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज को लेकर भी खूब सवाल किए। कहा कि जरूरतमंद लोगों को लाभ नहीं मिल रहा है। कहा कि कांठ सीएचसी में मूलभूत सुविधाएं, स्टाफ, चिकित्सक, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड मशीनें नहीं हैं। बिजली के मुद्दे पर विधायक ने कहा कि इस विभाग के भी निजीकरण की तैयारी की जा रही है, यह उचित नहीं है।
विधायक ने कांठ और पाकबड़ा क्षेत्र में बिजली समस्याओं के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, आयुष और एनएचएम की गुणवत्ता सुधारने, बिजली निजीकरण के निर्णय को वापस लेने आदि की मांग की।