माता-पिता के साथ हर्षित..
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मुरादाबाद मानसरोवर निवासी हर्षित चौहान को डीएसपी रैंक मिली है। 24 वर्षीय हर्षित चौहान ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग के बाद सिविल सर्विसेज की तैयारी की और पहली बार में ही सफलता हासिल कर परिवार और मुरादाबाद का नाम रोशन किया है। हर्षित के पिता डा. उपदेश कुमार केजीके डिग्री कालेज में गणित विभाग के एचओडी हैं। मां गृहिणी हैं। पांच भाई-बहनों में हर्षित चौथे नंबर के हैं।
हर्षित की नर्सरी से लेकर 12वीं तक पढ़ाई दिल्ली रोड स्प्रिंग फील्ड से हुई है। 2013 से 2017 तक दिल्ली आईआईटी में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। हर्षित ने बताया कि इसके बाद सिविल सर्विसेज की तैयारी की और पहले प्रयास में ही डीएसपी रैंक में उसका चयन हुआ है। हर्षित की एक बहन आईईएस, एक बहन टीएमयू में डाक्टर, एक बहन इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन में मैनेजर हैं। जबकि छोटा भाई बीटेक कर रहा है।
गौरव... परिवार के साथ
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मेहनत और लगन हर हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। आर्किटेक्चर इंजीनियर गौरव शर्मा का यूपीपीसीएस परीक्षा में डीएसपी के पद पर चयन हुआ है। गौरव के पिता शिव ओम शर्मा डॉयल 112 में हेड कांस्टेबल हैं। बेटे के डीएसपी बनते ही पिता की आंखें खुशी से छलक आईं। गौरव कहते हैं पिता की प्रेरणा से ही वह आज इस मुकाम पर हैं।
23 बटालियन पीएससी कैंपस स्थित आवास में रहने वाला गौरव का परिवार मूल बिजनौर का रहने वाला है। गौरव ने आईआईटी रुड़की से आर्टिकेक्चर इंजीनियरिंग की है। पुणे में छह माह की नौकरी करने के बाद गौरव ने सिविल सर्विसेज की तैयारी की। 2017 में सफलता नहीं मिली। पिता के मार्गदर्शन में गौरव ने हौसला नहीं खोया और दूसरी बार में सफलता हासिल की और डीएसपी बन गए। गौरव की सफलता से पिता की आंखें खुशी से भर आईं। गौरव की छोटी बहन है, जो दिल्ली से एमटेक कर रही है।