अमर उजाला मेधावी सम्मान समारोह 2020 में जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने यूपी बोर्ड के प्रदेश और जिला टॉपरों की क्लास ली। मेधावी छात्र-छात्राओं ने सिविल सर्विसेज और करियर को लेकर सवाल पूछे। डीएम ने कहा कि जिंदगी में लक्ष्य जरूरी है। फील्ड कोई भी चुनें उसके लिए लक्ष्य के साथ कड़ी मेहनत करनी होती है। उन्होंने खुद के अनुभव साझा करते हुए मेधावी छात्र एवं छात्राओं को राह दिखाई।
सर्किट हाउस में आयोजित सम्मान समारोह में जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने हाईस्कूल और इंटर के मेधावी बच्चों को सम्मानित किया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने कॅरियर को लेकर कई जिज्ञासा भरे सवाल पूछे। 12वीं में जिले की टॉपर वैशाली चौहान ने पूछा कि सिविल सेवा की तैयारी कैसे करें और कितने घंटे पढ़ाई करनी होगी। जिलाधिकारी ने कहा कि आज तो सुविधाएं हैं। आप अपना लक्ष्य तय करो और कठिन परिश्रम से उसे भेद डालो। मैं ग्रामीण पृष्ठभूमि से हूं। 25 साल पहले पांचवीं तक लालटेन की रोशनी में पढ़ाई की और छह किमी साइकिल से स्कूल जाता था। तब इंजीनियरिंग, डाक्टरी और सिविल सेवा के बारे में जानकारीतक नहीं थी।
12वीं के लिए 24 किमी साइकिल से स्कूल जाता था। 1984 में मेरे स्कूल में आईएएस की टीम ट्रेनिंग के लिए आई थी। उनको लेने नीली बत्ती की गाड़ी आती थी। उनको देख खुद की जिंदगी का लक्ष्य भी तय कर लिया। लक्ष्य पूरा करने के लिए इलाहाबाद विवि आ गया। वहां कान्वेंट स्कूलों से पढ़कर आए छात्रों के बीच शुरुआती दिनों में खुद को असहज महसूस किया। लेकिन लक्ष्य सिविल सेवा में आने का था और यूपीएससी में दूसरी बार में सफलता हासिल कर ली।
जतिन राज ने पूछा कि विधायक और डीएम के कामकाज में क्या अंतर है। दोनों की कार्यशैली क्या है। डीएम ने कहा कि विधायक सरकार के अंग हैं। वो सदन में लोकहित के लिए कानून बनाते हैं और डीएम उस कानून को लागू करवाता है। डीएम ने कहा कि एक विधायक के लिए उसका विधानसभा क्षेत्र कालेज होता है। जनता उसे वोट देकर चुनती है। पांच साल के कार्यकाल में विधायक क्षेत्र की जनता की सेवा करता है। छात्रा शिखाराज सैनी ने पूछा कि स्कूल-कालेज कब खुलेंगे। उसने टीएमयू में बीएसी के लिए आवेदन किया है। डीएम ने कहा कि कोरोनाकाल में धीरे-धीरे व्यवस्थाएं सामान्य हो रही हैं। 30 सितंबर बाद अनलॉक-5 में इसका फैसला होगा।
जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार द्विवेदी ने कहा कि सत्र की शुरुआत के साथ माध्यमिक स्कूलों में आनलाइन पढ़ाई हो रही है। ई-ज्ञान गंगा कार्यक्रम से वीडियो फुटेज के माध्यम से कक्षा नौ से लेकर 12वीं तक सोमवार से शुक्रवार तक विषयवार और कक्षावार प्रसारण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आनलाइन पढ़ाई क्लास रूम की पढ़ाई का विकल्प तो नहीं है, लेकिन विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य को सामने रखकर पढ़ाई करनी होगी।
जिला विद्यालय निरीक्षक से भी शीतल गंगवार, जतिन राज और पूजा गुप्ता ने कई सवाल पूछे। बोर्ड पाठ्यक्रम में 30 फीसदी कटौती पर डीआईओएस ने कहा कि एक्सपर्ट कमेटी ने समीक्षा के बाद 70 फीसदी पाठ्यक्रम जारी किया है। महाविद्यालयों में आनलाइन पढ़ाई नहीं होने के सवाल पर डीआईओएस ने कहा कि विवि स्तर पर नया सत्र शुरू नहीं हो सका है।