मुरादाबाद। शहर के चर्चित अनुज चौधरी हत्याकांड में मंगलवार को एडीजे-एक की अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान हत्यारोपी पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित ने अधिवक्ता के तौर पर खुद जिरह की और गवाह से सवाल भी किए। इस दौरान कचहरी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही। अब इस मामले में 16 जुलाई को सुनवाई होगी।
मझोला के नया मुरादाबाद स्थित पार्श्वनाथ प्रतिभा सोसायटी में 10 अगस्त 2023 की शाम भाजपा नेता अनुज चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में सिविल लाइंस के दीन दयाल नगर निवासी पूर्व ब्लॉक प्रमुख ललित कौशिक, संभल जिले की असमोली ब्लॉक की प्रमुख के पति प्रभाकर सिंह, बेटे अनिकेत समेत 14 आरोपी हैं। इस केस की सुनवाई एडीजे-एक की अदालत में चल रही है। बलरामपुर जेल में बंद ललित कौशिक ने अपने अधिवक्ता की ओर से कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि वह मुरादाबाद से दूर बलरामपुर जेल में बंद है। जिस कारण वह अपने अधिवक्ताओं से विधि राय नहीं ले पा रहा है। उसने खुद को पंजीकृत अधिवक्ता बताते हुए कोर्ट में खुद जिरह करने की मांग रखी थी। मंगलवार को इस मामले में सुनवाई हुई। ललित कौशिक को बलरामपुर जेल से तलब किया गया। मंगलवार को शूटरों से कारतूस बरामद करने वाले इंस्पेक्टर से बचाव पक्ष को जिरह करनी थी। इस दौरान ललित कौशिक ने खुद जिरह की और इंस्पेक्टर से सवाल भी किए। अब इस मामले में 16 जुलाई को सुनवाई होगी।
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तीनों नए कानून की किताबों उपलब्ध कराने की मांग
मुरादाबाद। ललित कौशिक की पत्नी सुषमा शर्मा की ओर से कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया है। जिसमें सुषमा ने बताया कि उसके पति ललित कौशिक विधि छात्र रहे हैं और मुरादाबाद बार एसोसिएशन में आजीवन सदस्य हैं। ललित कौशिक के खिलाफ अलग-अलग कोर्ट में 22 मुकदमों में सुनवाई चल रही है। 25 मार्च 2023 से जेल में बंद हैं। उनके जेल जाने के बाद तीन नए कानून लागू हुए हैं। सुषमा ने मांग रखी है कि उनके पति को नए कानून से संबंधित तीनों किताबें, एक रजिस्टर और पेन उपलब्ध कराया जाए ताकि वह कानून का अध्ययन कर सकें और कोर्ट में प्रभावी ढंग से पैरवी कर सकें।