मुरादाबाद। बहुचर्चित छजलैट प्रकरण में सपा नेताओं के खिलाफ चल रहे मुकदमे में वादी से जिरह पूरी की गई। अग्रिम कार्यवाही के लिए अदालत ने सुनवाई के लिए 12 मार्च नियत की है। वहीं, अभिनेत्री जयाप्रदा पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में सुनवाई 10 मार्च को होगी।
गुरुवार को एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में छजलैट प्रकरण की सुनवाई की गई। इस दौरान आरोपी सपा नेता राजकुमार प्रजापति और डीपी यादव कोर्ट में उपस्थित रहे। वहीं, सांसद आजम खां और अब्दुल्ला आजम की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से की गई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता शहनवाज सिब्तैन ने बताया कि सपा नेताओं पर आरोप है कि वर्ष 2008 में जब सपा के कद्दावर नेता आजम खां अपने परिवार के साथ किसी समारोह में सम्मिलित होने जा रहे थे। इस दौरान वाहन चेकिंग के दौरान उनकी गाड़ी थाना छजलैट में रोककर कागजात चेक किए गए थे। इसी को लेकर काफी विवाद हुआ था। विवाद की जानकारी होते ही सपा के अन्य नेता राजकुमार प्रजापति और डीपी यादव, तत्कालीन मंत्री महबूब अली, मनोज पारस नूरपुर के विधायक नईम उल हसन समेत कई सपाई एकत्र हो गए थे। इस मामले में सपाइयों पर जाम लगाने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में तत्कालीन एसएचओ आसिफ अली की गवाही हो चुकी है। गुरुवार को बचाव पक्ष ने एसएचओ से जिरह की। अदालत ने मुकदमे के साथ कोर्ट की अवमानना के मामले में भी सुनवाई के लिए 12 मार्च नियत की है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि चार्जशीट पर 12 मार्च को बहस की जाएगी। वहीं अभिनेत्री जयाप्रदा के ऊपर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में चल रहे मुकदमे की सुनवाई 10 मार्च को की जाएगी।