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नौकरी के सपनों में भरने होंगे तकनीक के रंग

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तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय में वार्षिक व्याख्यान शृंखला 2022 का ‘नौकरियों और प्रौद्योगिकी मंच का भविष्य’ विषय पर शनिवार को आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रौद्योगिकी विद् गिटहब में एजुकेशन एंड गवर्मेंट इंगेजमेंट्स के निदेशक धीरज ज्ञानी और यूएल इंडिया प्रा. लि. में साउथ एशिया के पॉलिसी एंड स्ट्रेटेजी निदेशक सुधीर जुत्शी, एमजीबी अक्षत जैन, वीसी प्रो. रघुवीर सिंह, रजिस्ट्रार डॉ. आदित्य शर्मा, एफओईसीएस के निदेशक व संयोजक प्रो. आरके द्विवेदी ने किया। वक्ताओं ने कहा कि नौकरी प्राप्त करने के सपने तकनीक की जानकारी से संभव हो सकेंगे। एमजीबी अक्षत जैन ने उम्मीद जताई कि अकादमिक उद्योग इंटरफेस विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगा।
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प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नौकरी की स्वर्णिम संभावनाओं पर मुख्य वक्ता धीरज ज्ञानी ने कहा कि वर्ष 2030 तक तकनीक से संबंधी 970 लाख नौकरी पैदा होंगी, लेकिन साथ ही 850 लाख पुरानी नौकरी का अस्तित्व नहीं रहेगा। नौकरी में टिके रहने के लिए उसी गति से आपको अपने कौशल को बढ़ाना होगा। साथ ही नए कौशल से तारतम्य बैठाना होगा। हर पांच वर्ष में प्रौद्योगिकी में आमूल-चूल परिवर्तन हो जाता है। इसीलिए आने वाली प्रौद्योगिकी की तैयारी हमें आज से ही शुरू करनी होगी। उन्होंने कोविड 19 महामारी का हवाला देते हुए बताया कि कोविड की चुनौतियों ने नई प्रौद्योगिकियों का निर्माण किया। ऐसे में हमें हमेशा नई चुनौतियों के लिए तैयार रहना चाहिए।
सुधीर जुत्शी ने कहा कि यदि आप में तकनीकी दक्षता नहीं है तो उपाधियां और प्रमाण पत्र महज कागज के टुकड़े हैं। अगर आप में तकनीकी दक्षता नहीं है। अक्सर हम नाकामयाबी के बहाने ढूंढ़ लेते हैं, जबकि आज के डिजिटल युग में सीखने के लिए इंटरनेट सरीखे मंच पर सब कुछ उपलब्ध है।
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संयोजक प्रो. आरके द्विवेदी ने कहा कि विश्वविद्यालय का मिशन तकनीकी शिक्षा के माध्यम से युवाओं को वैश्विक जरूरतों के मुताबिक तैयार करना है। इसको हासिल करने के लिए विश्वविद्यालय विश्व के उत्कृष्ट तकनीकी संस्थानों से सहयोग ले रहा है। कार्यक्रम के दौरान सवाल-जवाब और पैनल डिस्कशन का आयोजन भी किया गया।
विपिन चौहान, रूपल गुप्ता, आदित्य जैन, विनीत नेहरा, प्रो. अशेन्द्र कुमार सक्सेना, विक्रम रैना, आकाश भटनागर, प्रो. एसआर अली, डॉ. शंभू भारद्वाज, नवनीत विश्नोई, प्रो. सुरजीत दलाल, डॉ. रंजना शर्मा, डॉ. पंकज गोस्वामी, डॉ. गरिमा गोस्वामी, इंदु त्रिपाठी, नीरज कुमारी, मनीष तिवारी, मनोज गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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