जिले में 1503 स्थानों पर असत्य और बुराई की प्रतीक होलिका का दहन किया गया। होलिका की इस अग्नि में वर्ष भर के कष्ट-विकार भी जलकर भस्म हो गए। इसके साथ पूरे जिले में रंगोत्सव का उल्लास छा गया। गिले शिकवे भुलाकर लोग एक-दूसरे से गले मिलते नजर आए। दो वर्ष बाद कोरोना की पांबदियों को दूर कर लोगों ने होली मनाई। गांधीनगर में शहर विधायक रितेश गुप्ता ने होलिका दहन के बाद लोगों को रंग लगाया।
बृहस्पतिवार सुबह से ही शुरू हुआ होली के पूजन का सिलसिला देर शाम तक चला। लोगों ने पूजा के थाल में चावल, रोली, जल, फूलमाला, गुड़, जौ की बालियां, सूत और घरों में बने पकवान रखे थे। उन्होंने पांच या सात परिक्रमा कर होलिका पर कच्चा सूत बांधा और पूजन किया। साथ ही सभी के अच्छे स्वास्थ्य और सुख समृद्धि की कामना की। मुहुर्त के अनुसार रात में होलिका दहन किया गया। इसके बाद मंगलकामनाओं के साथ लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाया। कई स्थानों पर होलिका स्थल की आकर्षक सजावट की गई थी। वहीं होली और शव-ए-बरात के मौके पर नगर निगम ने शहर में सफाई की विशेष व्यवस्था की।
जगह जगह विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। हरे कृष्ण चौक, नवीन नगर में बृहस्पतिवार को होली महोत्सव मनाया गया। इसमें आचार्य धीरशांत दास अर्द्धमौनी ने लोगों को होलिका दहन की कथा सुनाई और इसका महत्व भी बताया। कार्यक्रम में ज्ञान चंद शर्मा, सुमित अग्रवाल, पंकज रस्तौगी, दीपक अग्रवाल, अजय शर्मा, अग्रवाल, गौरव स्वामी, रामाशंकर कौशिक, मनोहर यादव आदि लोग मौजूद रहे।
कांशीराम नगर के बी ब्लॉक चौराहे पर पंडित व्रज लाल मिश्रा ने हवन कराया। इसमें 1100 आहुतियां देकर भगवान से सुख, शांति की कामना गई। इसमें रामलीला कमेटी के अध्यक्ष डॉ प्रमोद शर्मा, राजीव विश्नोई, प्रशांत गुप्ता आदि लोग मौजूद रहे।
दिव्या केयर बैलेंस फाउंडेशन ने इको फ्रेंडली होलिका दहन के मिशन के तहत कई स्थानों पर गो-काष्ठ के जरिये होलिका दहन कराया।
कटघर बीच होलिका मैदान में जगतगुरु जादाचार्या साध्वी राघवेन्द्री नेआचार्य प्रदीप कुमार ओझा से वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन कराया। इसमेंमुख्य यजमान सुधीर कुमार सिंह, मधु सिंह के साथ-साथ बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने बालाजी महाराज के हवन कुंड में आहुति देकर विश्व में शांति और लोगों के सुखद जीवन की प्रार्थना की।