मुरादाबाद। लोहड़ी से एक दिन पहले रविवार को गजक और रेबड़ी की दुकानों पर जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। दुकानदारों का कहना है कि सबसे ज्यादा मावा गजक, तिल के लड्डू, तिल की बर्फी, गुड़ की गजक की मांग है। ग्राहकों के उत्साह को देखते हुए रात 12 बजे तक दुकानें खोली जा रही हैं।
शहर में ताड़ीखाना चौराहा, गुरहट्टी, कपूर कंपनी, मंडी चौका चौराहा, नवीन नगर, रामगंगा विहार और लाइनपार में गजक व लड्डू की दुकानों पर खूब रौनक दिखाई दी। मकर संक्रांति पर तिल और गुड़ से बनी मिठाई का विशेष महत्व होता है और यही वजह है कि रविवार को शहर के प्रमुख बाजारों में बड़ी संख्या में ग्राहक दिखाई दिए। ताड़ीखाना पर कई दुकानों पर चंदौसी के कारीगर गजक और रेवड़ी बना रहे हैं। दुकानदार मनदीप सिंह संगर ने बताया कि इस मकर संक्रांति पर करीब 15 तरह की गजक लोगों के लिए उपलब्ध है। ग्राहकों की भीड़ की वजह से चार कारीगर लगातार काम कर रहे हैं। लोहड़ी और मकर संक्रांति के लिए ऑर्डर भी मिले हैं। रेवड़ी के अलावा सामान्य गजक, देशी घी की गजक, मावा की बर्फी, तिल मावा के लड्डू, पेड़े, मूंगफली तिलपट्टी है।
दुकानदार पंकज का कहना है कि गुड़, मावा और तिल के लड्डू हैं। करीब 40 तरह की गजक हैं, जिनमें मूंगफली तिलपट्टी, गुजराती गजक प्रमुख हैं। गुजराती गजक में मूंगफली ज्यादा और गुड़ कम होता है। लोटा रेवड़ी को भी ग्राहक पसंद कर रहे हैं। रेवड़ी करीब चार सौ रुपये, गजक लगभग साढ़े चार सौ रुपये किलो हैं। उन्होंने कहा कि कई ऐसे परिवार जिनके यहां नई शादियां हुई हैं या जिनके घरों में बच्चे के जन्म के बाद पहली लोहड़ी है, वहां से रेवड़ी, गजक और मूंगफली के ऑर्डर भी मिले हैं।