पाकबड़ा। क्षेत्र के मानवी नर्सिंग होम में डिलीवरी के लिए ऑपरेशन के दौरान हुई गलती ने रजनी (23) की जान ले ली। 22 दिन पहले महिला ने सर्जरी के जरिए एक बच्ची को जन्म दिया था। प्रसव के बाद अस्पताल से महिला की छुट्टी कर दी गई थी। रविवार को उसकी मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने नर्सिंग होम और संचालक के घर में तोड़फोड़ कर दी। भारी हंगामे के बाद झोलाछाप का अस्पताल सील कर दिया गया है। साथ ही झोलाछाप के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया।
पाकबड़ा के मोहल्ला बड़ा मंदिर का निवासी ऋषिपाल मानवी नर्सिंग होम का संचालक है। वह अपनी पत्नी सावित्री के साथ घर में नर्सिंग होम चलाता है। सैनी की मढैया निवासी संजीव सैनी का आरोप है कि उसकी गर्भवती पत्नी रजनी सैनी का मानवी नर्सिंग होम में ऑपरेशन हुआ था। उसने बेेटी को जन्म दिया था। डिलीवरी के बाद से ही उसकी पत्नी की हालत ठीक नहीं थी। मौत से एक दिन पहले भी उन्होंने पाकबड़ा के ही एक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां महिला ने दम तोड़ दिया। महिला की मौत के बाद परिजनों ने मानवी नर्सिंग होम में पहुंचकर हंगामा किया। हंगामा की सूचना पर पुलिस पहुंची और उन्हें थाने ले गई। परिजनों ने झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई को लेकर थाने में ही नारेबाजी की। इसके बाद झोलाछाप के घर पहुंचकर पथराव व हंगामा किया। गुस्साई भीड़ ने झोलाछाप के घर में घुसकर तोड़फोड़ की। पुलिस ने वहां से लोगों को खदेड़ा और मृतका के परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू की। तब जाकर लोग शांत हुए। साथ ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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बिना डिग्री के ऑपरेशन थियेटर चला रहा था झोलाछाप
- हंगामे के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर नर्सिंग होम में जांच पड़ताल की। तब तक ऋषिपाल वहां से फरार हो चुका था। कुंदरकी के प्रभारी चिकित्साधीक्षक डॉ. अमित कुमार ने बताया कि अस्पताल संचालक के पास मेडिकल की कोई डिग्री नहीं है। उसके यहां ऑपरेशन थियेटर संचालित हो रहा था और पांच बेड पाए गए। बिना लाइसेेंस के फार्मेसी भी चल रही थी। लोगों की जान से खिलवाड़ करने व बिना रजिस्ट्रेशन नर्सिंग होम चलाने के आरोप में ऋषिपाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। साथ ही उसके नर्सिंग होम को सील कर दिया गया है। वहीं झोलाछाप ऋषिपाल का कहना है कि 22 दिन पहले रजनी की डिलीवरी हुई थी। महिला ठीक हालत में घर गई थी। उसकी मौत दूसरे अस्पताल में हुई है, उस पर लग रहे आरोप गलत हैं।
00झोलाछाप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। साथ ही सीएमओ स्तर से एक कमेटी गठित की गई है, जो इस मामले की जांच करेगी। अभियान चलाकर ऐसे अस्पताल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. संजीव बेलवाल, डिप्टी सीएमओ