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विपक्षियों को फंसाने के लिए की थी दसवीं के छात्र की हत्या

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कुंदरकी में घटना स्थल पर पुलिस को छात्र शेर मोहम्मद की हत्या की जानकारी देता आरोपी नसीम - फोटो : BILARI
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कुंदरकी (मुरादाबाद)। छात्र शेर मोहम्मद की हत्या उसी के तहेरे भाई ने की थी। दरअसल उसके एक तहेरे भाई पर दुष्कर्म का आरोप लगा है और वह जेल में है। इसी मामले में दबाव बनाने के लिए ही यह हत्या की गई ताकि दूसरे पक्ष को कत्ल के झूठे मुकदमे में फंसाया जा सके। पुलिस ने इस दावे के साथ आरोपी को गिरफ्तार करते हुए मोबाइल, बाइक और खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं।
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पांच नवंबर को कुंदरकी थाना क्षेत्र के ग्राम ढकिया जुम्मा निवासी छात्र शेर मोहम्मद (13) पुत्र मुस्तकीम की गला रेतकर नृशंस हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने शव को कुंदरकी बाईपास से सटे एक आम के बाग से बरामद किया था। छात्र के पिता मुस्तकीम ने कुंदरकी थाने में चार नामजद समेत छह लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी लेकिन, पुलिस ने तहकीकात में कुछ और ही पाया। इसके लिए पुलिस ने सीसीटीवी और सर्विलांस की मदद ली। हत्यारोपी सीसीटीवी कैमरे में दिखा तो पुलिस भी चौंक गई। हत्या करने वाला शेर मोहम्मद का ही तहेरा भाई नसीम निकला। उसके मोबाइल की लोकेशन भी घटना स्थल पर थी। पुलिस के मुताबिक उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने सारा राज उगल दिया।
थानाध्यक्ष संदीप कुमार ने बताया कि हत्यारोपी नसीम के सगे भाई वसीम पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हैं जिसमें वसीम जेल में है। इस मामले में नसीम आदि ने समझौते का प्रयास किया गया लेकिन पीड़ित पक्ष ने समझौता करने से साफ मना कर दिया था। इस बात से नसीम खिन्न हो गया और उसने दूसरे पक्ष को फंसाने का प्लान बनाया। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि चार नवंबर की शाम को वह यानी नसीम मुंह पर गमछा लपेट कर गूलड़ तिराहे पर पहुंचा और उसने एक बालक की मदद से शेर मोहम्मद को इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान से बुलावाया। जियारत पर चलने के बहाने वह उसे बाइक पर बैठाकर ले गया। नसीम ने छुरा भी शेर मोहम्मद के हाथ में दे दिया और कहा कि वह इससे किसी का कत्ल करेगा। शेर मोहम्मद उसके इरादाें को समझ ही नहीं पाया। रास्ते में जलालपुर चौराहे पर आम के बाग के पास लघुशंका के बहाने नसीम ने बाइक रोकी और शेर मोहम्मद से छुरा ले लिया। इसके बाद उसने धक्का देकर शेर मोहम्मद को खेत में गिर दिया और उसका मुंह पकड़कर गला रेत कर उसकी नृशंस हत्या कर दी। थानाध्यक्ष के अनुसार इसके बाद हत्यारोपी बाइक से पाकबड़ा भाग गया था।
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झूठी साबित हुई मुकदमे में नामजदगी
कुंदरकी।
छात्र शेर मोहम्मद हत्या में दर्ज कराई मुकदमे में नामजदगी झूठी साबित हुई। घटना वाले दिन ही छात्र के पिता मुस्तकीम की तहरीर पर कई लोगों पर मुकदमा कायम कराया गया था। थानाध्यक्ष संदीप कुमार ने बताया कि विवेचना में मुकदमे में कराई गई नामजदगी झूठी साबित हुई है।
गटर में फेंक दिए थे खूने से सने कपड़े
कुंदरकी। थानाध्यक्ष संदीप कुमार ने बताया कि हत्यारोपी ने वारदात को अंजाम देकर अपने खून से सनी शर्ट, जींस, चप्पल और गमछा पाकबड़ा थाना क्षेत्र में सूखे गटर में फेंक दिए थे। जिसको हत्यारोपी की निशानदेही पर बरामद किया गया। इसके अलावा छात्र शेर मोहम्मद का मोबाइल भी बरामद किया गया है।
चश्मदीद गवाह बनकर पुलिस को कर रहा था गुमराह
कुंदरकी। चचेरे भाई शेर मोहम्मद की हत्या में आरोपी नसीम खुद ही चश्मदीद गवाह बना हुआ था। गवाह बनकर वह पुलिस को लगातार गुमराह कर रहा था। इस मुकदमे में चार नामजद समेत छह लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने दावा कर दिया था कि उसने कत्ल होते हुए देखा जबकि सारा खेल खुद ही रचा था।
बड़ा सवाल: हत्या में तीन लोगों के होने का किया था दावा
कंदरकी। दसवीं कक्षा के छात्र शेर मोहम्मद की हत्या अकेले नसीम ने कैसे की यह बात गले नहीं उतर रही है। मौका ए वारदात से मिले साक्ष्यों से पता चलता है कि शेर मोहम्मद ने अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष किया था तो उसके शरीर पर कहीं और कोई जख्म क्यों नहीं था। जब पुलिस ने मौकाए वारदात का मुआयना किया था तो घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर खाने-पीने के सामान के पैकेट और तीन गिलास मिले जिस पर पुलिस ने शक जताया कि हत्या करने में दो से अधिक लोग शामिल रहे होेंगे।
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फोटो संख्या एक, दो, तीन और चार भेजे गए है।
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