मुरादाबाद। किशोरों का इंतजार खत्म हुआ, सोमवार से 15 से 17 वर्ष आयुवर्ग वालों का टीकाकरण शुरू हो गया, लेकिन पहले दिन ‘उम्मीद के टीके’ को उम्मीद से कम किशोर मिले। जिले में निर्धारित लक्ष्य की तुलना में 28.16 फीसदी किशोर ही टीका लगवाने केंद्रों पर पहुंचे। सबसे अधिक शहर के केंद्रों पर 390 किशोरों ने टीकाकरण कराया।
किशोरों के टीकाकरण के लिए शहर के महिला अस्पताल, अरबन पीएचसी कोठीवाल नगर, नया गांव, बंगला गांव, कटघर, गुलाबबाड़ी, अरबन पीएचसी मझोला, रेलवे अस्पताल समेत जिले में 24 केंद्र बनाए गए। जहां 3600 किशोरों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था। उत्साहित किशोरों ने शहर के आठ केंद्रों के लिए तैयार सभी आठ सौ स्लॉट रविवार को ही बुक लिए थे। लेकिन केंद्रों पर टीकाकरण कराने उम्मीद से कम ही किशोर पहुंचे। पहले दिन 1014 किशोरों को कोरोना से बचाव का टीका लगाया गया। शहर के किशोर टीकाकरण कराने में सबसे आगे रहे। यहां आठ केंद्रों पर 390 किशोरों को वैक्सीन की डोज लगाई गई। वहीं कुंदरकी में सबसे कम 21 किशोरों को टीका लगा।
- लक्ष्य की तुलना में किशोरों का टीकाकरण हुआ। टीकाकरण बढ़ाने के लिए डीआईओएस के साथ प्लानिंग की जाएगी। स्कूलों में टीकाकरण के सत्र लगाए जाएंगे। इसके लिए डीआईओएस से मिलकर प्लानिंग की जाएगी। अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा। - डॉ. दीपक वर्मा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
कहां कितने किशोरों को लगा टीका
क्षेत्र-----टीकाकरण
भोजपुर-----53
बिलारी-----120
डिलारी-----106
कांठ-------102
कुंदरकी-----21
मूंढापांडे-----30
ताजपुर------101
ठाकुरद्वारा----91
मुरादाबाद शहर-390
- कोरोना से बचाव का टीका लगवा लिया है। टीका लगवाने को लेकर मन में किसी तरह कोई डर नहीं था। मैं अपने दोस्तों को भी वैक्सीन की डोज लगवाने के लिए प्रेरित करूंगा। टीका जरूर लगवाएं। - माधव जोशी, सराय खालसा
- कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी है। सरकार ने मौका दिया तो बिना देरी किए मैंने टीका लगवा लिया। अपने को कोरोना से सुरक्षित किया। साथ ही अपने घरवालों को भी। - अभिषेक मौर्य, हरथला आंबेडकर नगर
- वैक्सीन की डोज लगवा ली। लगवाने से पहले मन में थोड़ा झिझक था, लेकिन केंद्र पर दूसरों को टीका लगवाता देख सारी झिझक दूर हो गई। मन में कोई डर नहीं है। अपने दोस्तों से अपील करूंगी कि वह टीका जरूर लगवाएं। - अक्षरा, एमडीए
- कोरोना से बचाव के लिए टीका सुरक्षा कवच है। टीकाकरण को लेकर मैं उत्साहित थी, आज मौका मिला तो रेलवे अस्पताल में वैक्सीन की पहली डोज लगवा ली। वैक्सीन को लेकर मन कोई दुविधा नहीं थी। - दिव्या, विवेक विहार