उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी के खिलाफ राजद्रोह के आरोप में दर्ज हुए मुकदमे में विवेचना शुरू हो गई है। मंगलवार को वादी भाजपा नेता आकाश सक्सेना के बयान दर्ज होने थे, लेकिन वादी आकाश सक्सेना की एक अन्य मामले में कोर्ट में मौजूदगी तय होने के कारण बयान दर्ज नहीं हो सके। अब बुधवार को बयान दर्ज कराए जा सकते हैं।
पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी शनिवार चार सितंबर की रात सपा सांसद आजम खां के घर आए थे। जहां पर उन्होंने आजम खां के परिजनों से मुलाकात की थी। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उनके बयानों को आधार बनाते हुए भाजपा के लघु उद्योग प्रकोष्ठ के पूर्व क्षेत्रीय संयोजक आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस थाने राजद्रोह समेत अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सिविल लाइंस थाने के इंस्पेक्टर दुर्गा प्रसाद ने बताया कि मंगलवार को वादी आकाश सक्सेना के बयान दर्ज करने थे, लेकिन कोर्ट में तारीख की वजह से वो नहीं आ सके। वहीं पुलिस मामले में वादी के बयान दर्ज करने के बाद उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों की जांच भी शुरू कर देगी। वादी आकाश सक्सेना ने बताया कि कोर्ट में तारीख की वजह से मंगलवार को वो बयान दर्ज नहीं करा सके थे। पुलिस के आने पर वो बयान दर्ज करा देंगे।