जिला अस्पताल में सुविधाओं और व्यवस्थाओं की गुणवत्ता परखने के लिए राज्य स्तरीय टीम विभागों का दौरा कर रही है। तीन दिवसीय निरीक्षण में टीम को 12 विभागों की गुणवत्ता परखनी है। अधिकारियों का कहना है कि टीम शनिवार तक निरीक्षण करेगी। टीम के संतुष्ट होने के बाद केंद्र की ओर से भी टीम इन व्यवस्थाओं को परखने के लिए आएगी। यदि अस्पताल 70 फीसदी बिंदुओं पर उत्तीर्ण होता है तो गुणवत्ता प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा।
जिला अस्पताल में निदेशालय की ओर से दो सदस्यीय टीम डॉ. भानुप्रताप सिंह कल्याण और डॉ. तरुण भारद्वाज नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्स (एनक्यूएएस) की जांच कर रहे हैं। अस्पताल प्रबंधक रजनीश चौधरी ने बताया कि यह निरीक्षण पहली बार किया जा रहा है। यह प्रमाणीकरण सरकारी चिकित्सा इकाईयों के लिए होता है। टीम निरीक्षण में संतुष्ट हो जाती है तो अपनी रिपोर्ट राज्य स्तर भेजेगी और वहां से रिपोर्ट केंद्र को जाएगी। इसके बाद केंद्र स्तर की टीम भी अस्पताल में निरीक्षण के लिए आएगी।
यदि वह टीम भी संतुष्ट हो जाती है तो जिला अस्पताल को मानकों के हिसाब से गुणवत्ता प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। इसके बाद जिला अस्पताल को राज्य से बजट आवंटित किया जाएगा, जो अस्पताल के सुंदरीकरण में लगाया जाएगा। यदि टीम को अस्पताल में संसाधन संबंधी कमियां मिलेंगी तो इसकी जानकारी टीम राज्य स्तर पर देगी और वहां से अस्पताल को संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। यदि टीम को संचालन में कमियां मिलती हैं तो वह हमें दिशा-निर्देश जारी करेंगे। हालांकि टीम बुधवार और गुरुवार के निरीक्षण से संतुष्ट है।
इन विभागों का हो रहा है निरीक्षण
डॉ. भानु प्राताप सिंह कल्याणी के साथ रजनीश चौधरी और डॉ. तरुण भारद्वाज के साथ अस्पताल मैनेजर कुलदीप कुमार सक्सेना निरीक्षण करवा रहे हैं। टीम इमरजेंसी, रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी, ऑपरेशन थिएटर, ओपीडी, आईपीडी, बच्चा वार्ड, एनआरसी, ऑब्जिलरी सर्विसेज (हाउसकीपिंग, लॉंड्री, किचिन), एडमिनिस्ट्रेशन, फार्मेसी, ब्लड बैंक का निरीक्षण कर रही है। टीम प्रत्येक विभाग में रखरखाव, मरीजों से संबंधित सेवा, कर्मचारियों की कार्यप्रणाली और इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित बिंदुओं को परख रही है।