सपा नेता आजम खां 24 मई को होंगे रामपुर कोर्ट में पेश
कोर्ट ने सीतापुर जेल प्रशासन को भेजा तलबी आदेश
रामपुर। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खां 24 मई को रामपुर कोर्ट में पेश होंगे। इसके लिए कोर्ट ने आजम खां का तलबी आदेश सीतापुर जेल प्रशासन को भेज दिया है। वह करीब दो साल बाद पहली बार रामपुर आएंगे।
साल 2019 में सपा नेता आजम खां और उनके परिवार के खिलाफ रामपुर के विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज हुए थे। उन पर मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के लिए किसानों की जमीन कब्जाने से लेकर भैंस और बकरी चोरी करने तक के आरोप में 87 मुकदमे दर्ज किए गए थे, जो अदालत में विचाराधीन हैं। इसके अलावा रामपुर पब्लिक स्कूल की मान्यता हासिल करने के संबंध में शहर कोतवाली में दर्ज एक मामले में आजम खां का नाम खोला गया था। जिसके बाद उनके खिलाफ कुल दर्ज मामले 88 हो गए थे। उनकी 87 मुकदमों में जमानत मंजूर हो चुकी है जबकि रामपुर पब्लिक स्कूल के मामले में जमानत होना शेष है।
इस दौरान आजम खां एक मार्च 2020 और तीन मार्च 2020 को ही रामपुर कोर्ट में पेश हुए थे। इसके बाद कोरोना संक्रमण की वजह से पाबंदियां लागू हो गई थीं। जिस कारण उनकी पेशी बंद हो गई थी। हालांकि, वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उनके मुकदमों की सुनवाई लगातार कोर्ट में चल रही है। अब आजम खां को एमपी-एमएलए कोर्ट सेशन ट्रायल ने थाना गंज से जुड़े डूंगरपुर प्रकरण के मामले में 24 मई को तलब किया है। कोर्ट का आदेश सीतापुर जेल प्रशासन को भेज दिया गया है। सपा नेता आजम खां कोरोना संक्रमण के बाद पहली बार रामपुर कोर्ट में पेश होंगे।
रामपुर कोर्ट में पत्नी व बेटे के साथ किया था आत्मसमर्पण
रामपुर। सपा नेता आजम खां ने पुलिस को चकमा देकर अचानक 26 फरवरी 2020 को अपनी पत्नी पूर्व शहर विधायक डॉ. तजीन फात्मा और बेटे स्वार विधायक अब्दुल्ला आजम के साथ कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए तीनों को जेल भेजने के आदेश दे दिए थे। इस पर पुलिस उन्हें जेल में दाखिल कर दिया, लेकिन सुरक्षा कारणों से तीनों को रातों रात प्रशासन ने सीतापुर जेल में शिफ्ट कर दिया था। इन दिनों में अब्दुल्ला आजम और डॉ. तजीन फात्मा जमानत पर जेल से बाहर हैं, जबकि आजम खां सीतापुर जेल में ही बंद हैं।
सीतापुर जेल से ही लड़ा विधानसभा चुनाव और हासिल की जीत
रामपुर। सपा नेता आजम खां ने सीतापुर जेल से ही रामपुर विधानसभा क्षेत्र से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इस दौरान नामांकन से लेकर मतगणना तक की तमाम प्रक्रियाएं हुईं, लेकिन आजम खां रामपुर नहीं आ सके थे। वो चुनाव प्रचार भी नहीं कर सके थे। उनके चुनाव और अपने चुनाव की कमान उनके बेटे अब्दुल्ला आजम ने संभाल रखी थी। सपा प्रमुख अखिलेश यादव भी उनका चुनाव प्रचार करने के लिए रामपुर आए थे। जिसके बाद वो चुनाव जीत गए थे। उनका प्रमाण पत्र भी उनके प्रतिनिधि ने लिया था। लेकिन, वर्तमान में अखिलेश यादव से उनकी दूरियां होने की बात सामने आई थी। हालांकि, अखिलेश यादव लगातार अलग अलग मंच पर यह कहते रहे हैं कि वो बाहर आएंगे, तो सपा के साथ ही रहेंगे और सपा भी उनके समर्थन में पूरी तरह खड़ी है। हालांकि, कांग्रेस, राष्ट्रीय लोकदल और बसपा आदि दल आजम खां के समर्थन में उतर आए हैं। उनके नेताओं का भी उनके परिजनों से मिलने का सिलसिला जारी है।