रामपुर। लखनऊ में हुई सपा विधानमंडल दल की बैठक से दूर रहे सपा विधायक आजम खां ने रविवार का पूरा दिन रामपुर में मेल-मिलाप में गुजारा। सियासी हलकों में इसे आजम खां का नाराजगी जताने का अपना अंदाज माना जा रहा है, हालांकि उन्होंने नाराजगी की बात को सिरे से खारिज कर दिया।
मीडिया से बातचीत में कहा कि नाराजगी के लिए कोई आधार होना चाहिए। मैं खुद ही निराधार हूं तो आधार कहां से आएगा। मेरा अपना ही कौन सा आधार है, एक गरीब आदमी गली में रहने वाला।
भावनात्मक अंदाज में बोले, हां एक खता हुई थी कि बच्चों के हाथ में कलम देना चाहा था, और चाहा है। वो मिशन आज भी जिंदा है। अगर यूनिवर्सिटी गिरा भी दी जाएगी, इस पर बुलडोजर चल भी जाएंगे तो टूटे हुए खंडहरात बनी हुई इमारतों से ज्यादा इतिहास का हिस्सा बनेंगे और लोग उन्हें देखने आया करेंगे। हमारे परिवार और वो परिवार जो जेल में बंद हैं या निकल आए, उनके किस्से और कहानियां उनके वालिदेन, दादी-दादा, नानी-नाना सुनाया करेंगे। वो बताएंगे कैसा अन्याय हुआ था। हमारे किस्से सुनाए जाएंगे, हमारे ऊपर हुए जुल्म की कहानियां सुनाई जाएंगी।