मुरादाबाद। 116 करोड़ के बजट के साथ रेलवे और सेतु निगम शहरवासियों को 3 सालों से इंतजार करा रहे हैं। हरिद्वार-दिल्ली रेल लाइनों पर बनने वाले सोनकपुर ओवरब्रिज का शिलान्यास 3 वर्ष पहले हो चुका है लेकिन अभी तक सरकारी विभागों की सुस्ती के कारण निर्माण पूरा नहीं हो सका। वर्ष 2017 में तत्कालीन संचार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने पुल का शिलान्यास किया था। दिसंबर 2019 तक पुल निर्माण पूरा करने का दावा किया गया, जोकि बाद में खोखला साबित हुआ। अब तक इस पुल का निर्माण अधर में है और जून 2021 तक इसे पूरा करने का दावा किया जा रहा है।
सेतु निगम के मुताबिक निर्माण अधर में होने का कारण इस सेतु का नक्शा है जिसे रेलवे ने दोबारा तैयार किया है। निगम के मुताबिक रेलवे को अपना काम पूरा करने में 1 साल लगेगा। इसके बाद 4 से 5 माह का समय सेतु निगम को चाहिए। इस प्रकार जून 2021 तक भी पुल पूरा नहीं हो पाएगा। 1.15 किमी लंबा यह पुल हरिद्वार व दिल्ली की दोनों रेल लाइन से होकर कांशीराम नगर में उतरेगा। यहां से कांशीराम नगर होते हुए नया मुरादाबाद व दिल्ली रोड जाना आसान होगा। शिलान्यास के समय पुल का बजट 90 करोड़ रुपये था, जोकि अब 116 करोड़ रुपये हो गया है।
जानकारी के मुताबिक इसमें 20 करोड़ रुपये रेलवे, ढाई करोड़ रुपये एमडीए व शेष राशि सेतु निगम द्वारा खर्च की जानी है। लोकोशेड के बाद इस पुल का निर्माण पूरा होने के बाद शहर की 12 लाख की आबादी को जाम से मुक्ति मिलेगी। यह पुल बाईपास का काम करेगा। इस पुल के नीचे से दो अंडर पास बनेंगे और यातायात को रफ्तार मिलेगी। ओवर ब्रिज के ऊपर एमडीए की योजना में जाने के लिए चौराहे का निर्माण किया जाएगा। इस चौराहे से एमडीए की योजनाओं में जाने के लिए दो रास्ते दिए जाएंगे। जिसमें पुल के ऊपर से नीचे जाने और आने की व्यवस्था भी होगी।
लोकोशेड पुल संघर्ष समिति के पदाधिकारी सोनकपुर ओवर ब्रिज की स्थित देखने पहुंचे। समिति का कहना है कि पुल का कार्य काफी धीमी गति से किया जा रहा है। इस दौरान संघर्ष समिति के संयोजक अनुपेंद्र सिंह, अशोक कुमार शर्मा, दीक्षांत चौधरी, उदयभान सिंह आदि ने बताया कि वे मंडल रेल प्रबंधक से मिलकर कार्य की प्रगति अथवा रुकावट के कारणों की जानकारी लेंगे।
सेतु निगम की ओर से 60 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। इस प्रोजेक्ट में रेलवे की ओर से काम होना बाकी है, जब रेलवे अपना काम पूरा करेगा इसके बाद ही निगम आगे का कार्य कर सकेगा। रेलवे के कार्य में लगभग एक साल का समय लगेगा इसके बाद 4 से 5 महीने सेतु निगम के द्वारा पुल तैयार कर दिय जाएगा। - टीपी गुप्ता, असिस्टेंट इंजीनियर
सोनकपुर ओवरब्रिज का नक्शा तैयार करने में समय लगा। रेलवे द्वारा लगातार कार्य कराया जा रहा है। मार्च 2021 तक रेलवे ने इस पुल में अपने हिस्से का कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। - तरुण प्रकाश, मंडल रेल प्रबंधक