जीआईसी चौराहे पर अराजकतत्वों ने शिलापट पर सीमेंट की पुताई कर चौराहे का नाम ही मिटा दिया।
- फोटो : अमर उजाला
अराजक तत्वों ने शुक्रवार की रात शिलापट्ट पर सीमेंट की पुताई कर जीआईसी चौराहे का नाम मिटा दिया। सालभर पहले पूर्व मेयर वीना अग्रवाल ने चौराहे पर हाकी लगवाकर इसका नाम जीआईसी चौराहा कर दिया था। जबकि पहले से नवाब मज्जू खां और सूफी अंबा प्रसाद के नाम पर इस चौराहे का नाम रखे जाने की मांग की जा रही थी।
जीआईसी चौराहे के नामकरण को लेकर लंबे समय से मांग चल रही थी। कुछ लोग इस चौराहे का नाम शहीद नवाब मज्जू खां के नाम पर चाहते थे कुछ लोग सूफी अंबा प्रसाद के नाम पर। दोनों को दरकिनार करते हुए सितंबर 2015 में पूर्व मेयर वीना अग्रवाल ने चौराहे पर हाकी लगवा दिया। साथ ही चौराहे का नाम जीआईसी चौराहा कर दिया।
शुक्रवार को दिन में कुछ लोग जीआईसी चौराहे पर फ्लेक्सी लगा रहे थे। जिसपर सूफी अंबा प्रसाद चौराहा लिखा हुआ था। जिसे देखकर स्थानीय लोग की भीड़ जुट गई। भीड़ के पूछने पर बताया गया कि नगर निगम की ओर से लगवाया जा रहा है।
जबकि नगर निगम के सफाई कर्मी हड़ताल पर चल रहे हैं। भीड़ अधिक होने पर फ्लेक्सी लगाने वाले लोग मौके से खिसक लिए। लेकिन शनिवार सुबह पूर्व मेेयर वीना अग्रवाल के हाथों लोकार्पण हुए शिलापट्ट पर सीमेेेंट पुता मिला। जीआईसी चौराहे का नाम मिटाने की इस कोशिश को लेकर लोगों रोष व्याप्त है।