मुरादाबाद। शहर के बाजारों में पार्किंग व्यवस्था करने और जाम से राहत दिलाने के लिए पिछले चार साल में पुलिस-प्रशासन ने व्यापारियों के साथ कई बैठकें कीं। इस समस्या के समाधान के लिए व्यापारियों ने दर्जनों सुझाव दिए लेकिन शहर के प्रमुख बाजारों में न पार्किंग बनी और न ही ई-रिक्शाओं के संचालन की कोई नई व्यवस्था लागू हो सकी।
नतीजा यह है कि 15 हजार से अधिक ई-रिक्शाओ और वाहनों के बढ़ते दबाव से बाजारों में यातायात व्यवस्था दिनों दिन बिगड़ती जा रही है। परिवहन विभाग के अनुसार, जिले में 15 हजार से अधिक ई-रिक्शा और करीब 1500 ऑटो संचालित हैं।
गंज बाजार, चौमुखापुल, बर्तन बाजार, मंडी चौक समेत प्रमुख बाजारों में भारी संख्या में ई-रिक्शाओं के चलने और पार्किंग व्यवस्था के अभाव में जाम की स्थिति बनी रहती है। व्यापारियों का कहना है कि बाजारों में वाहन खड़े करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। लोग सड़क किनारे व गलियों में वाहन खड़ा करने के लिए मजबूर हैं। इसकी वजह से यातायात बाधित होता है।
शहर के प्रमुख व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि पिछले चार साल में अधिकारियों के साथ हुई बैठकों में शहर में पार्किंग स्थल विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया था।
मंडी चौक पुलिस चौकी, चौमुखापुल तहसील परिसर, गंज गुरहट्टी और टाउन हाल स्थित पुराने सरकारी अस्पताल परिसर को संभावित स्थान के रूप में चिन्हित करने का सुझाव दिया गया था। जिससे बाजारों में आने-वाले वाहन निर्धारित पार्किंग में खड़े हो सकें। लेकिन इस पर अधिकारियों की ओर से कोई विशेष पहल नहीं की गई। ब्यूरो