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Moradabad News: चांदी आसमान पर, हस्तशिल्प उत्पादों का निर्यात जमीन पर

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मुरादाबाद। कीमतों के मामले में चांदी रोज नई ऊंचाई छू रही है। नतीजे में पीतलनगरी के चांदी आधारित हस्तशिल्प का काम जमीन पर आ गया है। पिछले दिनों की महंगाई से चांदी उत्पादों के आर्डर विदेशी ग्राहकों ने होल्ड कर दिए थे। अब और महंगाई बढ़ने से ये आर्डर निरस्त होने लगे हैं। निर्यातक भी मान रहे हैं कि चांदी उत्पादों में अब लाभ की गुंजाइश खत्म हो गई है। काम बदलकर धातु के साथ लकड़ी-स्टोन (पत्थर) के समन्वय से आकर्षक शिल्प बनाने का प्रयोग किया जा रहा है।
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निर्यातकों ने बताया कि दिसंबर में जिस सिल्वर कोटेड आइटम की कीमत दो हजार रुपये प्रति पीस थी। आज उसकी कीमत 2500 रुपये हो गई है। दिखने में पांच सौ रुपये प्रति उत्पाद की यह महंगाई निर्यात आर्डर की सप्लाई के समय लाखों में पहुंच जाती है। इसका कारण है निर्यात आर्डर की सप्लाई कंटेनरों में होती है। कुछ समय से लगातार चांदी की महंगाई से सिल्वर कोटेड उत्पादों की लागत बढ़ती ही जा रही है। इसी वजह से अब निर्यात में चांदी के काम की गुंजाइश खत्म हो गई है। पीतल और कच्चे माल की महंगाई से पहले से प्रभावित निर्यातकों के सामने अब लकड़ी, आयरन (लोहे) और पत्थर को उत्पादों का बेस बनाना ही विकल्प है।


निर्यातकों का कहना है कि चांदी कोटेड उत्पादों के जितने भी आर्डर मिले थे वह चांदी की कीमतों में उछाल की वजह कैंसिल कर दिए गए हैं। जानकार कहते हैं कि महंगाई के साथ चांदी के दामों में स्थिरता न आने से आने वाले दिनों में चांदी केंद्रित या पॉलिश वाले उत्पादों का काम शहर से खत्म हो जाएगा। जबकि अब तक पीतलनगरी से चांदी कोटेड हस्तशिल्प उत्पादों का सालाना निर्यात करीब 50 करोड़ रुपये का रहा है।
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सिल्वर कोटेड मुख्य उत्पाद

पीतलनगरी से करीब 20 प्रकार के सिल्वर कोटेड उत्पाद का निर्यात होता रहा है। इनमें टी-सेट्स, कटलरी, ट्रे, फ्रूट बाउल, बियर-वाइन मग, कैंडल स्टैंड ज्यादा लोकप्रिय हैं। सिल्वर कोटेड उत्पाद का निर्यात अमेरिका, इटली, फ्रांस, इंग्लैंड, सऊदी अरब, दुबई समेत कुछ अन्य देशों में होता रहा है।00



निर्यातक बोले-

सिल्वर कोटेड हस्तशिल्प उत्पादों का भविष्य अब नहीं है। चांदी की महंगाई से नए आर्डर नहीं मिल रहे हैं। अब चांदी के उत्पाद छोड़कर लकड़ी समेत अन्य के हस्तशिल्पों का शेयर बढ़ाना ही रास्ता। आगे इस तरह के ही उत्पादों की मांग रहेगी। - नवीन मेहरोत्रा, संचालक, किशोरी जी एक्सपोर्ट





चांदी की बढ़ती कीमतों की वजह से सिल्वर कोटेड उत्पादों का मोह छोड़ रहे हैं। अब लकड़ी, पत्थर और आयरन प्रोडेक्ट पर जोर रहेगा। उत्पादों में ग्रेनाइट पत्थर इस्तेमाल भी अच्छा प्रयोग है। - सुभाष भाटिया, सदस्य, आईआईए हैंडीक्राफ्ट डेवलेपमेंट कमेटी
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