रकम उड़ाने के साथ आपकी जानकारी भी बेच रहे ठग
गूगल से फर्जी एप को डाउनलोड करने वाले की पूरी जानकारी इस एप को बनाने वाले साइबर ठगों के पास पहुंच रही है। इसके अलावा एप का किसी क्यूआर कोड पर इस्तेमाल करेंगे तो उस क्यूआर कोड खाताधारक की भी पूरी जानकारी साइबर ठगों के पास पहुंच रही है।
फर्जी एप के जरिये किए गए भुगतान के बाद एक नोटिफिकेशन आता है, जिसमें भुगतान पूरा होने का संदेश होता है, लेकिन स्पीकर में कोई आवाज नहीं आती है। इसलिए दुकानदारों को क्यूआर कोड के साथ स्पीकर भी लगाना चाहिए। अगर स्पीकर लगा हो और आवाज न आए तो सतर्क हो जाएं। इससे आप साइबर ठगी से बच सकते हैं।
कपड़े के दुकानदार से हुई 1300 रुपये की ठगी
अंकुश कुमार की पीतलनगरी में कपड़े की दुकान है। उन्होंने बताया कि उनकी दुकान पर ग्राहक सामान लेेने के बाद ज्यादातर ऑनलाइन ही भुगतान करते हैं। जिसके लिए उन्होंने पेमेंट कंफर्म के लिए स्पीकर भी लगा रखा है। 12 अक्तूबर को दुकान पर बहुत भीड़ थी। इसी दौरान एक ग्राहक आया।
उसने 1300 रुपये के कपड़ों की खरीदारी की। क्यूआर कोड स्कैन करके भुगतान किया। उसने भुगतान का मैसेज दिखाया, लेकिन स्पीकर पर आवाज नहीं आई। तकनीकी समस्या समझकर दुकानदार ने उसे जाने दिया। जब रात में देखा तो पता चला कि आरोपी ने भुगतान किया ही नहीं था। उसके साथ ठगी हो गई।
तकनीकी क्षेत्र में साइबर ठगी हमेशा एक छोटी सी गलती की वजह से होती है। अभी सामने आया कि क्यूआर कोड पर भुगतान करके धोखाधड़ी की जा रही है। लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। कंपनी को भी क्यूआर कोड जारी करते हुए सुरक्षा बढ़ानी चाहिए ताकि उसे हर एप से स्कैन न किया जा सके। - मनु रस्तोगी, सॉफ्टवेयर इंजीनियर
फर्जी एप के जरिये पेमेंट करने के नाम पर ठगी की जा रही है। ऐसे में दुकानदारों को भी सतर्क करने की जरूरत है। उन्हें भी भुगतान लेते समय अपना एकाउंट चेक करना चाहिए और स्पीकर लगाने चाहिए। जिससे धनराशि प्राप्त होने की आवाज आती रहे। - सुभाष चंद्र गंगवार, एसपी क्राइम