मुरादाबाद में कांवड़ यात्रा को लेकर रविवार की शाम शहर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त होने के बावजूद अधिवक्ता शौकीन अली की हत्या कर दी गई। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो वह अकेली ही जाते दिखाई दिए।
जिससे माना जा रहा है कि उन्हें किसी ने कॉल घर से बुलाया था। उनके मोबाइल की कॉल डिटेल से भी इसकी पुष्टि हो चुकी है। जिसके जरिए पुलिस कुछ संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी कर रही है। पुलिस की चार टीमें अलग अलग एंगल पर जांच पड़ताल में जुटी हैं।
पुलिस जांच में सामने आया है कि अधिवक्ता शौकीन अली सिविल मामलों से जुड़े केसों की कोर्ट में पैरवी करते थे। बताया जा रहा है कि वह वकालत के अलावा प्रॉपर्टी का काम करने लगे थे।
पुलिस यह भी देख रही है कि किसी मुकदमे की पैरवी की रंजिश में इस हत्याकांड को अंजाम तो नहीं दिया गया है। इसके अलावा पुलिस यह भी देखा जा रहा है कि किसी प्रॉपर्टी को लेकर अधिवक्ता से कोई दुश्मनी तो नहीं मानने लगा था।
अधिवक्ता चतरपुर गांव निवासी थे। करीब 20 साल से वह यहीं रह रहे थे। पुलिस की एक टीम यह भी जांच कर रही कि पैतृक गांव में तो उनकी किसी से कोई रंजिश नहीं चल रही है। पुलिस ने अधिवक्ता के मोबाइल के मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई है।
जिसमें कई संदिग्ध नंबर पुलिस के हाथ लगे हैं। जिसके जरिए पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। इसके अलावा शहर ने स्मार्ट सिटी के कैमरों की फुटेज भी खंगाली है। कुछ फुटेज में वह अकेली जाते दिख रहे हैं।
पुलिस ने घटनास्थल के आस पास भी लोगों से पूछताछ की। यहां सहारा इंडिया की जमीन की की चौकीदारी करने वाले व्यक्ति से भी पुलिस ने पूछताछ की। जिससे पता चला कि घटनास्थल के पास ही करीब 15 दिन पहले कुछ लोग एक जमीन का सौदा करने आए थे।
उसने आशंका जताई कि उन लोगों में अधिवक्ता भी शामिल थे लेकिन परिवार की ओर से इस बात की कोई पुष्टि नहीं की गई है। बेटे ने भी किसी भी व्यक्ति से रंजिश या विवाद होने से साफ इनकार कर दिया है।