युवा पीढ़ी को धर्म और अध्यात्म से जोड़ने के सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि ज्ञान, विज्ञान और व्यवहार का सामंजस्य बैठाकर उन्हें (युवाओं को) जोड़ा जा सकता है। युवा खुद को समष्टि (सामूहिकता) से जोड़ लेंगे तो हिंदुओं के आगे कोई टिक नहीं सकता। युवाओं को शील और स्वास्थ्य से परिपूर्ण होना चाहिए। इससे उनके जीवन में अपार बल उत्पन्न होगा। सबसे ऊपर संवाद, फिर सेवा और बाद में सेना के नियम का पालन करें। अपने साथ दूसरों के संतुलन के लिए जरूरी है वर्ण व्यवस्था जातिगत व्यवस्था के सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि मनुस्मृति में जाति धर्म को शाश्वत कहा गया है। वर्ण व्यवस्था नहीं होगी तो शिक्षा, रक्षा, अर्थ और सेवा के प्रकल्प संतुलित नहीं रह पाएंगे। इसलिए वर्ण व्यवस्था आवश्यक है।
मंत्र तारक भी है और मारक भी
मंत्र का भेद क्या है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि मंत्र तारक भी है और मारक भी है। वर्तमान में बहुत से गुरु व्यक्तियों को ऐसे मंत्र दे देते हैं जो मंत्र की क्षमता को सहन नहीं कर सकते। कई बार ऐसी परिस्थिति में व्यक्ति विक्षिप्त तक हो सकता है। इस लिए मंत्र के साथ खिलवाड़ करना मतलब अपने साथ खिलवाड़ करना है।
प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम विपरीत होगा तो कैसे चलेगा देश
उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने वाले युवाओं से जुड़़े सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि राष्ट्र को जो प्रशासनिक अधिकारी चलाते हैं, उनका प्रशिक्षण सनातन धर्म को विलुप्त करने जैसा होता है। ऐसे में सोच सकते हैं कि जब प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम ही विपरीत रहेगा तो देश कैसे चल पाएगा।
ऋषियों की दूरदर्शिता की वजह से चारों पीठ भारत में
शंकराचार्य ने कहा कि अखंड भारत काबुल तक था। भारत के विभाजन के बाद भी चारों पीठ भारत में हैं। यह ऋषियों की दूरदर्शिता का परिणाम है।
बच्चे ने पूछा कि भगवान ने संसार क्यों बनाया है
कार्यक्रम में एक दस वर्षीय बालक ने शंकराचार्य से सवाल किया कि भगवान ने संसार क्यों बनाया है। इस पर सबसे पहले शंकराचार्य ने बालक को प्रोत्साहित किया। फिर समझाया कि जीव संसार का आलंबन लेकर ईश्वर तक पहुंच सके, इसलिए संसार का निर्माण किया गया है।
इनकी रही उपस्थिति
निर्यातक विनय लोहिया, विपिन लोहिया, विभोर लोहिया, विनीत लोहिया, टीएमयू के कुलाधिपति सुरेश जैन, बीना जैन, डॉ. राकेश कुमार, कोठीवाल डेंटल कॉलेज के निदेशक केके मिश्रा, डॉ. विशेष गुप्ता, निर्यातक महेश अग्रवाल, सतपाल, धवल दीक्षित, केके सिंह, डॉ. शशि सिंह चौहान, देवेंद्र सिसौदिया, विपिन गुप्ता आदि मौजूद रहे।