संडीला हादसे की जांच में सीनियर सेक्शन इंजीनियर, सहायक अभियंता हरदोई समेत सात रेल कर्मियों को दोषी पाया गया है। जांच में सामने आया है कि बिना ब्लाक लिए ही ट्रैक पर मरम्मत की जा रही थी। डीआरएम अजय कुमार सिंघल ने जांच रिपोर्ट के आधार पर सभी आरोपी रेल अधिकारी व कर्मचारियों को चार्जशीट जारी कर पंद्रह दिन में जवाब मांगा है।
मुरादाबाद मंडल के संडीला और उमर ताली के बीच अप लाइन पर पांच नवंबर को ट्रैक पर मरम्मत की जा रही थी। दोपहर पौने बारह बजे यहां से गुजरी अकाल तख्त एक्सप्रेस ट्रेन (अप) की चपेट में आकर चार गैंगमैन कौशलेंद्र, राजेंद्र, राजेश और रामस्वरूप की मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद मौके पर गैंगमैनों के परिजनों ने जमकर हंगामा किया था।
डीआरएम ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। उस टीम ने मौके पर जाकर जांच की और रेलवे कर्मचारियों बयान भी दर्ज किए। सभी पहलुओं की गहराई से जांच पड़ताल की। जिसमें रेलवे अधिकारी व कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई।
जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बिना ब्लाक लिए ट्रैक पर कार्य किया जा रहा था। इसकी जानकारी कंट्रोल रूम में भी नहीं दी गई थी। इसमें सीनियर सेक्शन इंजीनियर राम सजीवन, वेल्डर शरीफ, मेट पंकज यादव, अकाल तख्त एक्सप्रेस के चालक वीएस मीना और सह चालक राकेश के अलावा हरदोई के सहायक अभियंता दीपक कुमार को दोषी पाया गया है।