गोविंद नगर आउटर पर दो ट्रेनों में तलवारों, तमंचों के बल पर लूट, सात लोग घायल
मुरादाबाद। रेलवे स्टेशन से महज एक किलोमीटर दूर गोविंदनगर आउटर पर लगातार दो ट्रेनों में लूट हो गई। विरोध करने पर बदमाशों ने यात्री की पिटाई भी की, जिसमें सात यात्री घायल हो गए। ट्रेन में मौजूद जीआरपी स्टाफ को इस घटना की भनक तक नहीं लगी। मुरादाबाद के जीआरपी और आरपीएफ के जवान आउटर पर गश्त पर नहीं थे। पहली लूट शनिवार देर रात तकरीबन 01.40 बजे (14205) फैजाबाद-दिल्ली पद्मावत एक्सप्रेस में हुई। इसके एक घंटे बाद 02.45 बजे लूट की दूसरी घटना (14615) लालकुआं-अमृतसर एक्सप्रेस में हुई।
चार नकाबपोश बदमाश ट्रेनों की स्लीपर बोगियों में तलवारें और तमंचे लेकर चढ़े और यात्रियों से सामान, नकदी लूट ली। इसमें सात यात्री घायल भी हो गए। ट्रेन (14205) फैजाबाद-दिल्ली एक्सप्रेस में सवार मोहम्मद अजीम, मोहम्मद जुनैद, दिनेश, प्यारेलाल आदि यात्रियों ने बताया कि रात डेढ़ बजे के बाद ट्रेन गोविंद नगर आउटर पर खड़ी थी। अचानक चार लोग हाथों में तलवारें और तमंचे लेकर बोगी में चढ़ गए और यात्रियों से मारपीट शुरू कर दी। कुछ लोगों ने विरोध किया तो उन्हें तलवार मारकर घायल कर दिया। एक महिला से कुंडल, गले की चेन छीनी। अन्य यात्रियों से पर्स, मोबाइल, नकदी आदि छीनकर ट्रेन से कूद गए। यात्रियों ने मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पहुंचकर जीआरपी को तहरीर दी। यात्रियों का कहना है कि ट्रेन मुरादाबाद में अटेंड नहीं की गई। हापुड़ में जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने ट्रेन की बोगियों में जाकर यात्रियों से पूछताछ की।
लूट के बाद भी जीआरपी और आरपीएफ की टीमें अलर्ट नहीं हुईं। नतीजतन उसी जगह लुटेरों ने दूसरी घटना को अंजाम दे दिया। ट्रेन (14615) लालकुआं-अमृतसर एक्सप्रेस में भी कई यात्रियों को घायल कर दिया। उनसे पर्स, नकदी, मोबाइल आदि लूटकर भाग गए। यह ट्रेन मुरादाबाद में अटेंड की गई। जीआरपी के रिकार्ड के मुताबिक दो ट्रेनों में पांच यात्रियों से लूट हुई हैं। इसमें मोबाइल, पर्स, 3500 रुपये नकद और ज्वैलरी शामिल है। जबकि यात्रियों के मुताबिक 10 से अधिक लोगों से मोबाइल और पर्स छीने गए हैं।
ट्रेन में मौजूद था जीआरपी की स्टाफ
मुरादाबाद। फैजाबाद-दिल्ली एक्सप्रेस में गाजियाबाद का जीआरपी स्टाफ मौजूद था। इसके बावजूद लुटेरों ने घटना को अंजाम दे दिया। ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ को लूट हो जाने के आदे घंटे बाद जानकारी मिली। यह ट्रेन देर रात 01.55 बजे मुरादाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या चार पर पहुंची थी। यात्रियों ने जीआरपी थाने में तहरीर दी। इसके बावजूद ट्रेन को मुरादाबाद जंक्शन पर ही रोककर बोगी में मौजूद यात्रियों से पूछताछ नहीं की गई।
12 घंटे बाद मौके पर पहुंची टीमें
मुरादाबाद। घटना के 12 घंटे बाद यानी रविवार दोपहर तकरीबन दो बजे जीआरपी और आरपीएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। आरपीएफ के आईजी एएन मिश्रा घटना पर संज्ञान लेकर दिल्ली से मुरादाबाद पहुंचे। जबकि सीओ जीआरपी देवी दयाल मुरादाबाद कार्यालय में ही बैठते हैं। दोपहर से मौके पर पड़ताल शुरू हुई। आसपास के संस्थानों में गली में लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली गई लेकिन पुलिस को कुछ नहीं मिला। जीआरपी, आरपीएफ का कहना है कि घटनास्थल पर सीसीटीवी नहीं हैं। इसलिए आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज चेक की गई।
25 से 30 वर्ष के बीच है सभी लुटेरों की उम्र
मुरादाबाद। यात्रियों के मुताबिक चारों लुटेरों की उम्र 25 से 30 वर्ष के बीच होगी। सभी के हाथ में तलवारें थीं और बार बार तमंचे निकालने की धमकी दे रहे थे। यात्री मोहम्मद अजीम ने बताया कि दो यात्रियों ने लुटेरों पर दबाव बनाने की कोशिश की तो उन्होंने यात्री के घुटने में तलवार मारकर उसे जख्मी कर दिया। जबकि दूसरे यात्री के दोनों हाथों पर तलवार के प्रहार से गहरे घाव कर दिए। इससे कई यात्रियों ने डरकर अपने मोबाइल निकालकर लुटेरों को दे दिए।
वर्जन
मौके पर जाकर आसपास की दुकानों, घरों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई है। घटनास्थल के आसपास गलियों में भी लोगों से पूछताछ की गई। रेलवे ट्रैक के नजदीक सीसीटीवी न होने के कारण फिलहाल कोई सुराग नहीं मिला है। सोमवार को आसपास की फैक्टरियों के बाहर लगे सीसीटीवी की फुटेज भी देखी जाएगी।
- देवी दयाल, सीओ जीआरपी