खाड़ी देशों में काम कर रहे मंडल के चार जिलों के नौकरीपेशा लोग विदेशी मुद्रा भंडार में प्रत्येक साल करोड़ों रुपये का योगदान कर रहे हैं। मंडल में प्रतिवर्ष विदेशों से तीन करोड़ से ज्यादा की रकम आती है। ये रकम लोेगों तक पोस्ट आफिस के माध्यम से पहुंचाई जाती है।
मंडल के चार जिले मुरादाबाद, अमरोहा, रामपुर और संभल डाक विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रतिमाह 25 से तीस लाख रुपये डाकघरों में विदेशों से भेज जाते हैं। ये रुपये खाड़ी देशों जैसे सऊदी अरब, कुवैत, कतर, इरान, इराक के अलावा अमेरिका और पाकिस्तान से भी भेजी जा रही है।
इन देशों में नौकरी करने वाले औसतन 50-60 लोग प्रतिमाह करीब 30 लाख रुपये मंडल के डाकघरों में भेजते हैं। वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर सर्विस के माध्यम से भेजी जानी वाली इन विदेशी मुद्राओं से सीधे हमारे विदेशी मुद्रा भंडार को लाभ पहुंचता है। इससे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।
डाकघरों में यह रकम वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर सर्विस से आती है। विदेशों में नौकरी करने वाले लोग इसी सर्विस से वहां की मुद्रा भेजते हैं। ट्रांसफर सर्विस मुद्रा लेने के बाद भेजने वाले को एक कोड देती है।
उस कोड को भेजने वाला व्यक्ति अपने परिजनों को बताता है। परिजन पोस्ट ऑफिस आकर विभाग के अधिकारियों को वह कोड बताते हैं। साथ ही एक आईडी भी देते हैं। इसके बाद परिजनों को यहां भारतीय मुद्रा में रकम मिल जाती है।