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Moradabad News: सीरियल किलर अनिल ने की चौकीदार करन सिंह की हत्या, रामपुर जेल में बंद

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कुंदरकी (मुरादाबाद)। रामपुर के शाहबाद निवासी सीरियल किलर अनिल ने चौकीदार करन सिंह की हत्या को अंजाम दिया था। पुलिस ने समान पैटर्न और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान की। अनिल वर्तमान में रामपुर जेल में बंद है। पुलिस उसे रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।
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19 जुलाई को कुंदरकी थाना क्षेत्र के नानपुर में बिजलीघर के चौकीदार करन सिंह का शव झोपड़ी से मिला था। चौकीदार हत्याकांड के खुलासे के लिए एसओजी समेत पुलिस की चार टीमें जांच में जुटी थीं। सीसीटीवी फुटेज में शाहबाद क्षेत्र का सनकी युवक अनिल घटनास्थल पर दिखा। वह मुरादाबाद से ई-रिक्शा में सवार होकर नानपुर पहुंचा था। ई-रिक्शा चालक ने भी इसकी पुष्टि की है। सीसीटीवी कैमरों में मुरादाबाद रेलवे स्टेशन से लेकर कमालपुर फतेहाबाद तक उसकी लोकेशन मिली। पुलिस ने इसी आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता पाई। पुलिस अधीक्षक देहात कुंवर आकाश सिंह ने मंगलवार को आरोपी को पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा।

शाहबाद में भी की थी वारदात
करन सिंह की हत्या से एक दिन पहले 18 जुलाई को अनिल ने शाहबाद थाना क्षेत्र के लश्करगंज गांव में दो भाइयों पर ईंट से हमला किया। इसमें अकरम की मौत हो गई थी, जबकि अय्यूब गंभीर रूप से घायल हो गया था। आरोपी ने उनसे लूटपाट करने की बात भी कबूल की है। शाहबाद पुलिस ने अनिल को संदिग्ध हालत में घूमते हुए पकड़ा था। पूछताछ में उसने इस हमले की बात कबूल की, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया था।
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हत्या का समान तरीका
शाहबाद और कुंदरकी में चौबीस घंटे के अंतराल में हुई दोनों हत्याओं का तरीका एक जैसा था। हत्या करने के लिए नुकीले ईंट-पत्थर का इस्तेमाल किया गया था। कुंदरकी पुलिस ने रेलवे स्टेशन और घटनास्थल के करीब 300 मीटर की दूरी पर लगे सीसीटीवी कैमरे देखे। दोनों जगह एक ही व्यक्ति की तस्वीरें दिखाई दीं। शाहबाद की घटना में भी समान पैटर्न होने के कारण पुलिस ने अनिल से जेल में पूछताछ की। उसने दोनों घटनाओं को अंजाम देने की बात कबूल कर ली है।

गुमराह करने की कोशिश और आपराधिक इतिहास
चौकीदार करन सिंह के शव के पास आगरा निवासी युवक का आधार कार्ड और वोटर पहचान पत्र मिला था। पुलिस टीम ने आगरा जाकर जांच की तो पता चला कि मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर उसका पर्स चोरी हुआ था। पीड़ित ने जीआरपी में इसकी तहरीर भी दी थी। पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपी ने यह पहचान पत्र घटनास्थल पर डाला था। अनिल पर 2024 में भी हत्या का आरोप लगा था। अब उस पर शाहबाद और कुंदरकी की हत्याओं का आरोप भी लगा है।
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