मुरादाबाद। तेंदुए के हमले में महिला की जान गई तो लोग भड़क गए। पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो लोगों ने शव ले जाने का विरोध शुरू कर दिया। उन्हें साफ लहजे में कहा कि पहले तेंदुए को पकड़ कर लाओ। इसके बाद ही शव उठने देंगे। करीब दो घंटे तक लोग हंगामा करते रहे। पिंजरा लगाने और परिवार को आर्थिक मदद दिलाने के आश्वासन पर लोग शांत हुए।
तेंदुए के हमले में महिला की मौत की जानकारी मिलने पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई थी। इसके बाद पुलिस पिकअप वाहन में शव लेकर जा रही थी लेकिन लोगों ने शव गांव में उतार लिया और हंगामा शुरू कर दिया। लालापुर पीपलसाना निवासी हर्ष विश्नोई ने बताया कि कई बार जंगल में तेंदुआ देखा गया। इसकी जानकारी वन विभाग को दी गई लेकिन वन विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया और पिंजरा नहीं लगाया है। बृजेश कुमार का कहना है कि आस-पड़ोस के कई गांवों में तेंदुए की दहशत है। राजेश, भीम सिंह और राहुल का कहना है कि लोग खेतों में काम करने के लिए झुंड बनाकर जाते हैं और लाठी-डंडे साथ लेकर जाते हैं।
रामगंगा किनारे है लालापुर पीपलसाना गांव
ठाकुरद्वारा। गांव लालापुर पीपलसाना के जंगल में करीब 10 साल पहले तेंदुए का शव मिला था। गांव के बालेश कुमार ने बताया कि यह गांव रामगंगा नदी के किनारे स्थित है और पास में घने जंगल हैं। इसलिए यहां पर कई तेंदुए घूमते रहते हैं। गांव में आकर कुत्तों को उठा कर ले जाते हैं। छुट्टा पशुओं का जंगल में शिकार करते रहते हैं लेकिन तेंदुए के हमले में गांव की किसी महिला की मौत की यह पहली घटना है।