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खेत में शावकों के साथ बैठी मादा तेंदुआ को देख मजदूरों के उड़े होश

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कांठ के सलेमपुर गांव के जंगल में गन्ने के खेत में मौजूद तेंदुए के शावक। संवाद - फोटो : KANTH
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कांठ (मुरादाबाद)। बुआई के लिए खेत में गन्ने की पेडी लेने गए मजदूरों का सामना अपने दो शावकों के साथ बैठी मादा तेंदुआ से हो गया। तेंदुए को देख मजदूरों के होश उड़ गए। उन्होंने शोर मचाया तो मादा तेंदुआ दोनों शावकों को छोड़कर भाग निकली। सूचना पाकर पहुंची वन विभाग की टीम ने मौका मुआयना करने के बाद शावकों की निगरानी शुरू कर दी है। आसपास ही मादा तेंदुआ की मौजूदगी होने के कारण क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
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कांठ तहसील क्षेत्र के गांव सलेमपुर निवासी किसान अब्दुल सत्तार का खेत गांव के मौजा मौलगढ़ में रामगंगा नदी के पास है। बुधवार को अब्दुल सत्तार के खेत में गन्ने की बुआई का कार्य कर चल रहा है। पास में ही उनके दूसरे खेत में गन्ने की पेडी खड़ी हुई है। बुआई कर रहे गांव के प्रीतम सिंह, राजपाल सिंह, कलुआ आदि खेत से गन्ने की पेडी काटने के लिए अंदर चले गए। अचानक उनकी निगाह यहां अपने दो शावकों के साथ बैठी मादा तेंदुआ पर पड़ी। जिसे देख तीनों की चीख निकल गई।
उन्होंने शोर मचाया तो गन्ने की बुआई कर रहे अनीस, चांद, अब्दुल आदि दौड़कर खेत के अंदर पहुंचे। इन सभी को देख मादा तेंदुआ अपने दोनों शावकों को छोड़कर मौके से भाग निकली। किसान अब्दुल सत्तार के बेटे अनीस ने इसकी जानकारी तत्काल वन विभाग के अधिकारियों को दी। जिसके कुछ देर के बाद ही वन क्षेत्राधिकारी कांठ सरोप सिंह रावत, वन क्षेत्राधिकारी ठाकुरद्वारा हरज्ञान सिंह, डिप्टी रेंजर वीरेंद्र सिंह, वन दरोगा पीयूष जोशी, वन उपनिरीक्षक केपी सिंह, कपिल कुमार, वन रक्षक अमरजीत सिंह मौके पर पहुंचे। कांठ थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष सक्सेना भी फोर्स के साथ पहुंच गए। जिस स्थान पर मादा तेंदुआ बैठी थी और जहां उसके दोनों शावक थे, उस स्थान का मौका मुआयना किया गया। टीम ने खेतों पर काम कर रहे किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों को सावधानी बरतने के लिए कहा। दोनों शावकों के छोटे होने के कारण वन विभाग की टीम उनकी निगरानी में लगाई गई है। शाम छह बजे तक टीम मौके पर ही थी और मादा तेंदुआ के आने व अपने शावकों को साथ ले जाने का इंतजार कर रही थी।
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अभी बहुत छोटे हैं शावक, नहीं खुली हैं दोनों की आंखें
गन्ने के खेत में पेडी काटते समय मजदूरों को दिखे तेंदुुए के दोनों शावक अभी बहुत छोटे हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि अभी उनकी आयु तीन या चार दिन की ही है। क्योंकि दोनों शावकों में से किसी की भी अभी आंखें नहीं खुली हैं। इसी के साथ वह अभी ठीक से चल भी नहीं पा रहे हैं। जिसके कारण वन विभाग की टीम बुधवार शाम तक दोनों की निगरानी में लगी हुई थी।
700 सौ मीटर की दूरी पर ही है मादा तेंदुआ
जिस खेत में मादा तेंदुआ अपने दोनों शावकों को छोड़कर भागी है। उसी खेत से 500 या 700 मीटर की दूरी पर ही उसके होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। क्योंकि जिस समय वन विभाग की टीम तेंदुए को देखने के लिए खेत में गई थी, उस समय मादा तेंदुआ की आवाज भी आ रही थी। जिसके बाद टीम दोनों शावकों को खेत में छोड़कर बाहर निकल आई।
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