मुरादाबाद। शहर में वसंत पंचमी के त्योहार की तैयारियों का उल्लास है। कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार एहतियात बरती जा रही हैं। आयोजन समितियों ने इस वर्ष सरस्वती प्रतिमा की ऊंचाई कम कर दी है। इससे होने वाली बचत को वह कोरोना संक्रमण से बचाव के उपायों में इस्तेमाल कर रहे हैं। सैनिटाइजेशन और थर्मल स्कैनिंग कर प्रवेश दिया जाएगा।
मुरादाबाद में समिति की मूर्तियों को प्रमुख रूप से कालीबाड़ी कांशीराम नगर में बनाया जाता है। पंडित गौरीशंकर भट्टाचार्य अपने परिवार के साथ मूर्तियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। गौरीशंकर भट्टाचार्य का कहना है कि पिछले वर्ष 11 पंडालों के लिए मूर्तियों को बनवाया गया था, जबकि इस बार नौ पंडालों के लिए ऑर्डर मिले हैं। गजरौला और बुधबाजार से मूर्ति का ऑर्डर नहीं मिला है। आयोजन समितियों ने मूर्तियों का कद भी छोटा करवा दिया है। पहले ज्यादातर प्रतिमाएं सात से आठ फीट की बनवाई जाती थीं, लेकिन इस वर्ष दो आयोजनों को छोड़ दें तो अन्य सभी प्रतिमाएं चार फीट की बनाई जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि पहले मूर्ति बनाने के लिए तेल रंग, कपड़ा, मुकुट, बाल, गहने व अन्य सामान कोलकाता से मंगवाया जाता था, लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार उत्तराखंड से सामान मंगवाया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले 15 दिन से मूर्तियां बनाई जा रही हैं। अब मूर्तियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। शुक्रवार को सभी मूर्तियां पंडालों में पहुंचा दी जाएंगी।